‘₹10 की सीधी मार’: बस किराया बढ़ोतरी पर बवाल, यात्रियों ने कहा— आम जनता की जेब पर डाका

नामली। पुलिस दर्पण

रतलाम। मध्य प्रदेश में बस किराए में हाल ही में हुई बढ़ोतरी को लेकर आम यात्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नामली क्षेत्र में प्रति यात्री ₹10 तक किराया बढ़ाए जाने के बाद दैनिक यात्रियों, मजदूरों, छात्रों और मध्यम वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की बात सामने आ रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता बंटी डाबी ने किराया वृद्धि पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि डीजल, रखरखाव और मेंटेनेंस की लागत बढ़ी भी है तो 25 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि को तर्कसंगत माना जा सकता है, लेकिन लगभग 75 पैसे प्रति किलोमीटर की वृद्धि आम नागरिकों पर अत्यधिक बोझ डालने वाली है।

नामली से रतलाम तथा नामली से जावरा का किराया ₹20–30 से बढ़ाकर ₹30–40 प्रति यात्री किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी प्रकार मंदसौर मार्ग पर भी किराए में बढ़ोतरी की गई है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के मासिक खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

बंटी डाबी का आरोप है कि बस संचालकों ने डीजल और मेंटेनेंस लागत का हवाला देकर सरकार के समक्ष किराया बढ़ाने की मांग रखी और अंततः किराया वृद्धि की मंजूरी मिल गई। उनका कहना है कि परिवहन व्यवसाय की वास्तविक लागत और किराया वृद्धि के अनुपात की स्वतंत्र समीक्षा होनी चाहिए, ताकि यात्रियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में गांवों और शहरों में दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ऐसे में यदि बस किराया लगातार बढ़ता रहा तो अधिक लोग निजी वाहनों का उपयोग करेंगे, जिससे यात्री बसों में यात्रियों की संख्या और घट सकती है।

हालांकि, बस संचालकों का पक्ष है कि डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, टैक्स, वेतन और रखरखाव की बढ़ती लागत के कारण किराया संशोधन आवश्यक था।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बढ़े हुए किराए का आम जनता पर कितना प्रभाव पड़ता है और क्या सरकार भविष्य में इस निर्णय की समीक्षा करती है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!