व्यापारी की आंखों में मिर्ची डालकर लूट का प्रयास, फरार आरोपी भोपाल से गिरफ्तार

CCTV और तकनीकी साक्ष्यों ने खोला राज, गंज पुलिस ने आरोपी को दबोचा

देवीनाथ लोखंडे सह संपादक पुलिस दर्पण दक्षिण मध्य प्रदेश

बैतूल। व्यापारी की आंखों में मिर्ची डालकर लूट का प्रयास करने के मामले में थाना गंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को भोपाल से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना के समय पहने गए कपड़े और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

जानकारी के अनुसार 1 जुलाई 2026 को फरियादी निर्मल पिता ललित पोपली, उम्र 35 वर्ष, निवासी अग्रवाल की बिल्डिंग के पास गंज ने थाना गंज में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात आरोपियों ने लूट के इरादे से उसकी आंखों में मिर्ची डालकर लूट का प्रयास किया। शिकायत पर थाना गंज में अपराध क्रमांक 192/26, धारा 309(5), 61(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी सुश्री अन्नपूर्णा सिरसाम के नेतृत्व में थाना प्रभारी गंज निरीक्षक नीरज पाल को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए।

गंज पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। इसी दौरान 9 अगस्त 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि मामले का फरार आरोपी इरशाद पिता मुन्ने खां, उम्र 24 वर्ष, निवासी आरिफ नगर, थाना गौतम नगर, भोपाल भोपाल में मौजूद है।

सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

एक आरोपी पहले ही गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

पुलिस के अनुसार मामले में पूर्व में आरोपी अरुण पिता भुजंग महार, उम्र 25 वर्ष, निवासी बंगाली कॉलोनी, आदमगढ़, नर्मदापुरम तथा एक विधि-विरुद्ध अपचारी बालक को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा चुका है। प्रकरण के अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज पाल, उपनिरीक्षक संदीप परतेती, उपनिरीक्षक इरफान कुरैशी, प्रधान आरक्षक अंकित अग्निहोत्री, आरक्षक कृष्णकांत, अनिरुद्ध, गजानंद वाडिवा, साइबर सेल आरक्षक राजेन्द्र धाड़से, आरक्षक पंकज नरवरिया एवं आरक्षक बलराम राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!