एक अपचारी बालक भी पुलिस अभिरक्षा में, आरोपियों से घटना में प्रयुक्त प्लास्टिक पाइप बरामद
देवीनाथ लोखंडे सह संपादक पुलिस दर्पण दक्षिण मध्य प्रदेश
बैतूल/भीमपुर। थाना चिचोली की चौकी भीमपुर पुलिस ने दुकान में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में एक अपचारी बालक के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पूर्व से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं और पुलिस अधीक्षक द्वारा उन्हें गुंडा सूची में शामिल किया गया है।
पुलिस के मुताबिक 5 अगस्त 2026 को ग्राम लक्कड़जाम निवासी 24 वर्षीय पंकज यादव ने चौकी भीमपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह भीमपुर में चाय एवं बेकरी की दुकान संचालित करता है। पुरानी रंजिश को लेकर गुलसन यादव, प्रिंस यादव और एक अपचारी बालक उसकी दुकान में घुस आए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
बताया गया कि गुलसन यादव ने प्लास्टिक पाइप से तथा प्रिंस यादव ने दुकान में रखी प्लास्टिक की कुर्सी से पंकज के साथ मारपीट की। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके परिजन संदीप यादव और संतोष यादव के साथ भी आरोपियों ने हाथ-मुक्कों और प्लास्टिक पाइप से मारपीट की। घटना में पंकज के हाथ और सिर में चोट आई, जबकि संदीप और संतोष को भी चोटें आईं। आरोपियों ने जाते समय पुलिस में शिकायत करने पर जान से खत्म करने की धमकी दी।
पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर थाना चिचोली में अपराध क्रमांक 286/26 के तहत धारा 296(ए), 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान दुकान में तोड़फोड़ कर चाय के कप और प्लास्टिक की कुर्सी को नुकसान पहुंचाने की बात सामने आने पर प्रकरण में धारा 333 एवं 324(2) बीएनएस का इजाफा किया गया।
घटना के बाद आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस ने लगातार दबिश देकर 12 अगस्त को गुलसन यादव पिता संतोष यादव, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम डोल तथा प्रिंस यादव पिता गरीबा यादव, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम डोल, हाल बाजारढाना भीमपुर को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में दोनों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया। आरोपी गुलसन की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त प्लास्टिक पाइप भीमपुर स्थित बड़ी पुलिया, हनुमान मंदिर के पास से गवाहों की मौजूदगी में बरामद कर जब्त किया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी गुलसन यादव के विरुद्ध जिले के विभिन्न थानों में 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं तथा उसके विरुद्ध तीन बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई हो चुकी है। वहीं आरोपी प्रिंस यादव के विरुद्ध 7 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और उसके विरुद्ध भी तीन बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। दोनों की लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा उन्हें गुंडा सूची में शामिल किया गया है।
दोनों आरोपियों को 12 अगस्त को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें जिला जेल बैतूल भेज दिया गया। मामले में एक अपचारी बालक के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
पुलिस टीम की भूमिका
कार्रवाई में एसडीओपी शाहपुर सुश्री शेफा हाशमी के मार्गदर्शन में निरीक्षक हरिओम पटेल, थाना प्रभारी चिचोली, उपनिरीक्षक दिलीप यादव, चौकी प्रभारी भीमपुर, सहायक उपनिरीक्षक सुरेश लाल ठाकुर, प्रधान आरक्षक सुभाष काजले, प्रधान आरक्षक मेजरसिंह मर्सकोले एवं आरक्षक राजू उइके की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन ने नागरिकों से अपील की है कि विवाद अथवा आपसी रंजिश में कानून अपने हाथ में न लें। मारपीट, धमकी, तोड़फोड़ या अन्य आपराधिक गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

