बीजादेही पुलिस की कार्रवाई: घटना के बाद फरार आरोपी को दबिश देकर पकड़ा, न्यायालय ने भेजा जेल
देवीनाथ लोखंडे सह संपादक पुलिस दर्पण दक्षिण मध्य प्रदेश
बैतूल। बीजादेही थाना क्षेत्र के ग्राम रतनढाना में घरेलू कामकाज को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। विवाद के दौरान एक व्यक्ति ने अपने ही परिवार के बुजुर्ग पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद फरार हुए आरोपी को पुलिस ने लगातार दबिश देकर करीब 12 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार 4 अगस्त 2026 की रात करीब 10 बजे रतनढाना निवासी राजू काजले (43) का घरेलू कामकाज को लेकर परिवार के रामदयाल पिता मुन्नी काजले से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर राजू ने कुल्हाड़ी से रामदयाल पर हमला कर दिया। सिर और चेहरे पर गंभीर चोट लगने से रामदयाल की मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही बीजादेही थाना प्रभारी निरीक्षक आर.के. मीणा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। मामले में अपराध क्रमांक 51/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश
हत्या के बाद आरोपी राजू काजले फरार हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेंद्र जैन के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई। टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी और उसकी तलाश जारी रखी।
पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद आरोपी को 16 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए
प्रकरण की विवेचना के दौरान एसडीओपी शाहपुर सेफा हाशमी एवं सीन ऑफ क्राइम एक्सपर्ट निरीक्षक आबिद अंसारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए और फोटोग्राफी कराई गई। आवश्यक पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय चिकित्सालय शाहपुर भेजा गया।
आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक आर.के. मीणा, निरीक्षक आबिद अंसारी, उपनिरीक्षक जी.पी. बिल्लोरे, प्रधान आरक्षक देवीप्रसाद सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की अपील—गुस्से में न उठाएं हिंसक कदम
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने लोगों से अपील की है कि घरेलू विवादों को हिंसा का रूप न दें। छोटी-छोटी बातों पर होने वाला क्षणिक आक्रोश पूरे परिवार के लिए जीवनभर का दुख बन सकता है। विवाद की स्थिति में संयम रखें, बातचीत से समाधान करें और जरूरत पड़ने पर पुलिस या जिम्मेदार लोगों की मदद लें।

