देवीनाथ लोखंडे सह संपादक पुलिस दर्पण दक्षिण मध्यप्रदेश
बैतूल। दक्षिण वन मंडल के अंतर्गत आने वाली कोटमी बीट के डोक्या जंगल में सागौन के पेड़ों की कथित रूप से बड़े पैमाने पर कटाई का मामला सामने आया है। जंगल में जगह-जगह सागौन के कटे हुए पेड़ दिखाई दे रहे हैं, वहीं कटाई के बाद तैयार किए गए लट्ठे झाड़ियों के बीच पड़े नजर आ रहे हैं। इससे वन क्षेत्र में अवैध कटाई की गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मौके पर दिखाई दे रहे कटे हुए पेड़ों के ठूंठ और झाड़ियों में पड़े सागौन के लट्ठे इस ओर इशारा कर रहे हैं कि पेड़ों की कटाई के बाद लकड़ी को मौके पर ही छिपाकर रखा गया है। जंगल में बड़ी संख्या में सागौन के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलने से वन संपदा को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
झाड़ियों में छिपाकर रखे लट्ठे, निगरानी पर सवाल
सबसे गंभीर बात यह है कि कटाई के बाद सागौन के लट्ठों को झाड़ियों के बीच छिपाकर रखा गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि वन क्षेत्र में नियमित गश्त और निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। यदि जंगल में लगातार पेड़ों की कटाई हो रही है और कटे हुए लट्ठे मौके पर पड़े हैं, तो संबंधित वन अमले को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?
वन संपदा की सुरक्षा पर उठे सवाल
डोक्या जंगल में सामने आए इस मामले ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर यह जांच का विषय है कि आखिर कितने पेड़ काटे गए, कटाई कब हुई और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। साथ ही झाड़ियों में मिले सागौन के लट्ठों को लेकर भी वन विभाग द्वारा जांच किए जाने की जरूरत है।
अब देखना यह है कि दक्षिण वन मंडल का अमला मौके का निरीक्षण कर कटे हुए पेड़ों की संख्या, लकड़ी की मात्रा और कटाई में शामिल लोगों की पहचान को लेकर क्या कार्रवाई करता है। यदि मामले की गंभीरता से जांच की जाती है तो जंगल में सक्रिय लकड़ी माफिया के नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

