नामली /रतलाम। पुलिस दर्पण
नामली /रतलाम। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को धार्मिक नगरी नामली में नगर के आराध्य देव श्री हरदेश्वर महादेव की ऐतिहासिक शाही सवारी श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के बीच भव्य स्वरूप में निकली। शाही ठाट-बांट के साथ भगवान श्री हरदेश्वर महादेव पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले तो सैकड़ों श्रद्धालु उनके दर्शन और स्वागत के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। करीब सात घंटे तक चली शाही सवारी के दौरान पूरा नगर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजता रहा। श्री हरदेश्वर महादेव समिति द्वारा इस ऐतिहासिक शाही सवारी को लेकर पिछले कई दिनों से व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही थीं। सवारी को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न धार्मिक झांकियों, कलाकारों, अखाड़ों, डीजे वाहनों और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया था। समिति की तैयारियों का असर शाही सवारी के दौरान साफ दिखाई दिया।
पालकी में विराजे महादेव, दर्शन को उमड़ा जनसैलाब
मंदिर परिसर से भगवान श्री हरदेश्वर महादेव की पालकी के साथ शाही सवारी प्रारंभ हुई। भगवान के दर्शन के लिए नगर ही नहीं, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। बाईपास रोड़, नीम चौक, होली चौक, पैलेस रोड़, जाट मोहल्ला, जावरा रोड़, सेमलिया रोड़, बस स्टैंड, सैलाना रोड़ और खेड़ापति हनुमान मंदिर मार्ग सहित विभिन्न क्षेत्रों से सवारी निकली। सवारी के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने स्वागत मंच बनाए। भगवान हरदेश्वर महादेव की पालकी पर पुष्पवर्षा की गई और आरती उतारकर श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया। कई स्थानों पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
डीजे की गूंज से गूंजा नगर,तेज आवाज ने किया हैरान
शाही सवारी में बड़ी संख्या में डीजे और वाहन शामिल रहे। करीब छह डीजे साउंड सिस्टम सहित लगभग 35 अधिक वाहनों का काफिला सवारी का हिस्सा रहा। डीजे की तेज आवाज और भजनों की धुन पर युवा जमकर झूमते नजर आए। हालांकि, डीजे की अत्यधिक तेज आवाज ने बुजुर्गों से लेकर छोटे बच्चों तक को हैरान कर दिया। कई स्थानों पर लोगों को कानों पर हाथ रखते हुए भी देखा गया। शाही सवारी के दौरान डीजे की ऊंचाई भी चर्चा का विषय रही।
बिजली विभाग और पुलिस की व्यवस्था रही प्रशंसनीय
शाही सवारी के दौरान पुलिस प्रशासन की व्यवस्था विशेष रूप से प्रशंसनीय रही। पुलिस बल पूरी यात्रा के दौरान मुस्तैद रहा और श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ-साथ शाही सवारी के व्यवस्थित संचालन की जिम्मेदारी संभालता नजर आया। प्रमुख चौराहों और सवारी मार्ग पर पुलिसकर्मियों ने यातायात एवं भीड़ को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डीजे वाहनों की अधिक ऊंचाई को देखते हुए विद्युत मंडल के अधिकारी और कर्मचारी भी सवारी मार्ग पर उपस्थित रहे। जहां-जहां बिजली के तार अपेक्षाकृत नीचे थे और ऊंचे डीजे वाहनों से उनके संपर्क में आने की आशंका थी, वहां सुरक्षा की दृष्टि से विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई और डीजे वाहनों को सुरक्षित तरीके से आगे निकाला गया। पुलिस प्रशासन और विद्युत मंडल के समन्वय से संभावित दुर्घटना को टालने के लिए की गई यह व्यवस्था लोगों के बीच चर्चा का विषय रही।
झांकियां और कलाकारों ने बांधा समां
शाही सवारी में धार्मिक स्वरूपों से सजी झांकियां, कलाकारों की प्रस्तुतियां और अखाड़ों के करतब आकर्षण का केंद्र रहे। कलाकारों ने विभिन्न धार्मिक स्वरूपों के मुखौटे धारण कर प्रस्तुतियां दीं। अखाड़े के उस्तादों और युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों की खूब तालियां बटोरीं। भगवान शिव की विशाल प्रतिमा और आकर्षक धार्मिक झांकियों ने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। वहीं भजनों और धार्मिक गीतों की धुन पर युवा श्रद्धालु पूरे रास्ते भक्ति में झूमते नजर आए।
क़रीब सात घंटे तक चला नगर भ्रमण
करीब सात घंटे तक चली शाही सवारी में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने भगवान श्री हरदेश्वर महादेव की पालकी का स्वागत किया। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में सवारी के दर्शन के लिए मार्ग के दोनों ओर मौजूद रहे। सवारी के पुनः मंदिर पहुंचने पर भगवान हरदेश्वर महादेव की 108 दीपों से महाआरती की गई। इसके बाद श्रद्धालुओं को महाप्रसादी का वितरण किया गया। देर शाम तक नगर का माहौल भक्तिमय बना रहा।
आस्था, परंपरा और भव्यता का संगम बनी शाही सवारी
श्री हरदेश्वर महादेव की शाही सवारी ने एक बार फिर नामली की धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता की तस्वीर प्रस्तुत की। समिति की कई दिनों की तैयारियों, श्रद्धालुओं के उत्साह, पुलिस प्रशासन की व्यवस्थित व्यवस्था तथा विद्युत मंडल के सहयोग से यह आयोजन शांतिपूर्ण और भव्य रूप में संपन्न हुआ।
शाही सवारी के दौरान उमड़ा जनसैलाब इस बात का गवाह बना कि नगरवासियों के लिए श्री हरदेश्वर महादेव केवल आराध्य देव ही नहीं, बल्कि नगर की आस्था और परंपरा के प्रमुख केंद्र हैं। पूरे आयोजन के दौरान गूंजते हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष ने वातावरण को पूरी तरह शिवमय बना दिया।

