RERA और वैधता के दावों के बीच खरीदारों को मिले स्वीकृत लेआउट, विकास अनुमति और सुविधाओं की पूरी जानकारी; पार्क, खुली जमीन, सड़क, नाली, पानी-बिजली की हो भौतिक जांच
नामली/रतलाम। पुलिस दर्पण
नामली, रतलाम। नामली नगर में आवासीय प्लॉटों की बिक्री और कॉलोनियों के प्रचार-प्रसार का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। आकर्षक विज्ञापनों और आवासीय योजनाओं के माध्यम से लोगों को प्लॉट खरीदने के लिए आकर्षित किया जा रहा है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन कॉलोनियों को वैध अथवा स्वीकृत बताया जा रहा है, उनमें शासन के निर्धारित मापदंडों के अनुसार वास्तव में कितना विकास हुआ है?
आम खरीदार के सामने केवल प्लॉट का आकार, कीमत और लोकेशन ही नहीं, बल्कि Approved Layout, Development Permission, Land Use, Diversion, सड़क की चौड़ाई, पार्क एवं खुली भूमि, पानी, बिजली, नाली, जल निकासी और अन्य स्वीकृत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति भी स्पष्ट होनी चाहिए।
सिर्फ RERA पंजीयन पर्याप्त नहीं
किसी आवासीय परियोजना का RERA में पंजीयन होना महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे यह स्वतः सिद्ध नहीं होता कि मौके पर प्रत्येक विकास कार्य पूरा हो चुका है। खरीदार को RERA रिकॉर्ड के साथ सक्षम प्राधिकारी की Development Permission और Approved Layout का भी मिलान करना चाहिए।
स्वीकृत नक्शे में जितने प्लॉट हैं, उन्हीं के अनुसार बिक्री हो रही है या नहीं, प्रत्येक प्लॉट का क्षेत्रफल कितना स्वीकृत है और मौके पर उसकी वास्तविक स्थिति क्या है—इसकी जांच जरूरी है।
पार्क और खुली जमीन पर सबसे बड़ा सवाल
कॉलोनी के नक्शे में पार्क अथवा गार्डन के लिए जमीन छोड़ी गई है तो वह जमीन मौके पर भी उसी उद्देश्य के लिए सुरक्षित रहनी चाहिए। इसी तरह खुली जगह, सार्वजनिक उपयोग और अन्य आरक्षित क्षेत्रों को बाद में प्लॉटिंग में शामिल किया गया है या नहीं, इसका भौतिक सत्यापन आवश्यक है।
कागज में पार्क और जमीन पर प्लॉट—ऐसी स्थिति किसी भी खरीदार के लिए गंभीर चिंता का विषय होगी।
सड़क की चौड़ाई से लेकर नाली तक हो जांच
यदि प्रचार में चौड़ी सड़क, पक्की नाली, पेयजल, बिजली और अन्य सुविधाओं का दावा किया जाता है तो प्रशासन को स्वीकृत विकास योजना के आधार पर मौके पर जांच करनी चाहिए।
स्वीकृत सड़क कितनी चौड़ी है और मौके पर कितनी?
स्वीकृत पार्क कितना है और मौके पर कितना?
पानी की व्यवस्था स्वीकृत है या केवल भविष्य का वादा?
नाली और जल निकासी की व्यवस्था किस स्तर की है?
इन सवालों का जवाब केवल विज्ञापन से नहीं, बल्कि सरकारी दस्तावेज और भौतिक सत्यापन से मिल सकता है।
कृषि भूमि से प्लॉटिंग तक पूरी प्रक्रिया की जानकारी जरूरी
कृषि भूमि खरीदकर उस पर आवासीय प्लॉट विकसित करने के मामले में संबंधित भूमि का उपयोग, आवश्यक डायवर्जन, विकास अनुमति और स्वीकृत अभिन्यास जैसे दस्तावेजों का महत्व है। केवल कृषि भूमि खरीद लेने अथवा उसकी रजिस्ट्री हो जाने से वह स्वतः आवासीय कॉलोनी के लिए स्वीकृत नहीं हो जाती।
खरीदारों को संबंधित खसरा नंबर, भूमि स्वामित्व, Land Use और Diversion Order की जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
EWS/LIG और बंधक भूखंडों की जानकारी भी जरूरी
कॉलोनी विकास से जुड़े नियमों के तहत कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के लिए निर्धारित प्रावधानों तथा विकास कार्यों की गारंटी के लिए बंधक रखे गए भूखंडों की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। खरीदार को यह पता होना चाहिए कि वह जिस प्लॉट को खरीद रहा है वह स्वीकृत बिक्री योग्य भूखंड है या किसी प्रकार के बंधक/आरक्षण के अंतर्गत आता है।
नगर परिषद और संबंधित विभाग से जवाब की अपेक्षा
नामली में जिन आवासीय योजनाओं को वैध अथवा स्वीकृत बताया जा रहा है, उनके संबंध में नगर परिषद और संबंधित विभागों को जनहित में यह जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए कि—
Development Permission कब जारी हुई?
Approved Layout क्या है?
कुल कितने प्लॉट स्वीकृत हैं?
प्लॉटों का स्वीकृत क्षेत्रफल क्या है?
पार्क/गार्डन के लिए कितनी भूमि है?
खुला क्षेत्र कितना है?
सड़क की स्वीकृत चौड़ाई कितनी है?
EWS/LIG के लिए क्या प्रावधान है?
कितने भूखंड बंधक हैं?
पानी, बिजली, नाली और जल निकासी की क्या स्वीकृत व्यवस्था है?
कितने विकास कार्य पूरे हो चुके हैं?
Completion/Development Completion Certificate जारी हुआ है या नहीं?
जनता के पैसे और शहर के भविष्य का सवाल
आवासीय प्लॉट खरीदना किसी परिवार के लिए जीवनभर की बचत का निवेश हो सकता है। इसलिए खरीदारों को केवल आकर्षक विज्ञापन और मौखिक आश्वासन के आधार पर निर्णय लेने के बजाय सरकारी स्वीकृत दस्तावेज और मौके की वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए। वहीं प्रशासन की जिम्मेदारी है कि यदि किसी परियोजना को वैध बताया जा रहा है तो उसकी स्वीकृतियां, विकास कार्य और सुविधाएं पारदर्शी रूप से सार्वजनिक हों।
नामली में अब जरूरत “कॉलोनी प्रचार” की नहीं, बल्कि “कागज बनाम जमीन” की निष्पक्ष जांच की है।
संपादकीय सवाल:
जब खरीदार प्लॉट की पूरी कीमत चुका रहा है, तो क्या उसे सरकारी मापदंडों के अनुरूप सड़क, पार्क, खुली जमीन, पानी, बिजली, नाली और अन्य स्वीकृत सुविधाएं भी पूरी मिल रही हैं?

