देवीनाथ लोखंडे सह संपादक दक्षिण मध्यप्रदेश
बैतूल। ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर होने वाली साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। बैतूल कोतवाली पुलिस ने Meesho कस्टमर केयर के नाम पर एक व्यक्ति को झांसे में लेकर उसके मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल करवाने और खाते से ₹1,01,990 की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को उड़ीसा से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से आईफोन 11 प्रो मोबाइल और ₹25 हजार नकद बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार, चुनालोमा निवासी बाकेबिहारी पिता अमृतलाल गोहे, उम्र 42 वर्ष ने 17 फरवरी 2026 को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने Meesho ऐप से खरीदी गई सामग्री वापस करने के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर तलाशकर संपर्क किया था। कॉल के बाद कथित कस्टमर केयर प्रतिनिधि ने WhatsApp के जरिए एक APK फाइल भेजी।
फरियादी द्वारा APK फाइल मोबाइल में खोलते ही साइबर ठग ने मोबाइल तक पहुंच हासिल कर ली और उसके बैंक खाते से UPI के माध्यम से ₹1,01,990 की राशि ट्रांसफर कर ली।
शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 126/2026 के तहत धारा 318(4), 319(2), 308 BNS में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और ट्रांजेक्शन की कड़ियों का विश्लेषण किया। जांच आगे बढ़ने पर संदिग्ध आरोपी की पहचान मोहम्मद आशिफ के रूप में हुई।
इसके बाद कोतवाली पुलिस की टीम ने उड़ीसा के ग्राम हसनपुर, थाना प्लांट साइट, जिला सुंदरगढ़ पहुंचकर आरोपी को अभिरक्षा में लिया। पूछताछ में आरोपी द्वारा फरियादी के साथ साइबर धोखाधड़ी कर ₹1,01,990 का UPI ट्रांजेक्शन कराने की बात स्वीकार की गई। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया।
गिरफ्तार आरोपी: मोहम्मद आशिफ पिता मो. मुनाजिर, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम हसनपुर, थाना प्लांट साइट, जिला सुंदरगढ़, उड़ीसा।
पुलिस टीम की भूमिका: कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उनि राकेश कुमार सरयाम, सउनि अरुण यादव, प्रधान आरक्षक दीपक कटियार, आरक्षक प्रदीप कहार, आरक्षक पंकज नरवरिया एवं साइबर सेल बैतूल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की साइबर सुरक्षा अपील
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन शॉपिंग या बैंकिंग सेवाओं का कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट सर्च से प्राप्त करने के बजाय संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही लिया जाए। WhatsApp, SMS या ई-मेल से प्राप्त अनजान APK अथवा संदिग्ध फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
पुलिस ने यह भी चेताया है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk, QuickSupport जैसे Remote Access ऐप इंस्टॉल न करें और OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV या बैंक पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
यदि साइबर ठगी हो जाए तो तत्काल 1930 पर कॉल करने के साथ cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कर संबंधित बैंक को भी सूचना देने की अपील की गई है।
संदेश साफ है—कस्टमर केयर के नाम पर भेजी गई एक APK फाइल मोबाइल ही नहीं, सीधे बैंक खाते को भी खाली कर सकती है। सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।

