देवीनाथ लोखंडे सह संपादक दक्षिण मध्यप्रदेश
बैतूल। जिले के उन्नयन, मॉडल शालाओं एवं सीएम राइज विद्यालयों में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर्स को पिछले तीन माह से मानदेय नहीं मिलने का मामला सामने आया है। मानदेय के लिए परेशान आउटसोर्स कर्मचारियों ने अब विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाते हुए ज्ञापन सौंपकर लंबित भुगतान तत्काल कराने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश भोपाल द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत डेटा एंट्री ऑपरेटर्स के मानदेय के लिए बजट आवंटन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद ऑपरेटर्स को अब तक तीन माह के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है।
रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर भी नहीं मिला वेतन
कर्मचारियों का कहना है कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर भी मानदेय नहीं मिलने से आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि मानदेय नहीं मिलने के कारण सभी ऑपरेटर्स आर्थिक एवं पारिवारिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कर्मचारियों की आय का एकमात्र स्रोत यही मानदेय है, ऐसे में तीन माह से भुगतान अटकने से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।
बजट जारी होने के बाद भी भुगतान क्यों अटका?
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब संबंधित विभाग द्वारा मानदेय के लिए बजट आवंटन जारी किया जा चुका है, तो फिर कर्मचारियों के खाते में राशि पहुंचने में देरी क्यों हो रही है? आउटसोर्स कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिशीघ्र तीन माह का लंबित मानदेय जारी कराने की मांग की है।
ज्ञापन दिनांक 31 अगस्त 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी, बैतूल के नाम सौंपा गया है, जिसकी प्रतिलिपि आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल, कलेक्टर बैतूल एवं श्रम पदाधिकारी बैतूल को भी दी गई है।
अब देखना यह है कि बजट आवंटन के बावजूद तीन माह से मानदेय के लिए परेशान आउटसोर्स कर्मचारियों को उनका हक कब तक मिलता है।

