रायसेन। पुलिस दर्पण
रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन जिला जेल में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक विचाराधीन कैदी ने जेल के भीतर कथित तौर पर कट्टे से फायर कर जेल प्रहरी को गोली मार दी। गोली लगने से प्रहरी गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए भोपाल एम्स रेफर किया गया है। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है। उस समय जेल का स्टाफ अपनी ड्यूटी पर तैनात था। इसी दौरान नीलेश ठाकुर नामक विचाराधीन कैदी ने कथित तौर पर जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह पर कट्टे से फायर कर दिया। गोली प्रहरी के शरीर में कमर के नीचे के हिस्से में लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
गेट खुलवाकर भागने की फिराक में था आरोपी
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि कैदी नीलेश ठाकुर कथित तौर पर जेल का गेट खुलवाकर बाहर भागने की कोशिश में था। इसी दौरान उसने जेल प्रहरी पर गोली चला दी। घटना के बाद जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और जेल प्रशासन ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। बताया जा रहा है कि जेल परिसर में स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित होना था। इसी कार्यक्रम के लिए फलों की टोकरी लेकर नीलेश जेल के गेट की ओर आया था। इसी दौरान गोली चलने की घटना सामने आई। हालांकि घटना के पूरे क्रम और आरोपी के पास हथियार पहुंचने की परिस्थितियों की पुलिस और जेल प्रशासन द्वारा जांच की जा रही है।
गंभीर हालत में एम्स भोपाल रेफर
रायसेन जिला अस्पताल के चिकित्सक अभिषेक सागर के अनुसार घायल जेल प्रहरी की जांच और एक्स-रे में गोली फेफड़े के निचले हिस्से के पास दिखाई दी। चिकित्सक के मुताबिक फेफड़े में पानी भी जमा होना शुरू हो गया था। मरीज की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे बेहतर उपचार के लिए एम्स भोपाल रेफर किया गया है।
आरोपी पर गंभीर धाराओं में मामले दर्ज
पुलिस के मुताबिक आरोपी नीलेश ठाकुर रायसेन जिले के बरेली क्षेत्र के पास स्थित दिमाड़ा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। वह विचाराधीन कैदी है। उसके खिलाफ पूर्व से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है, जिनमें धारा 307 और 302 से संबंधित प्रकरण भी बताए जा रहे हैं। एसडीओपी प्रभा शर्मा ने बताया कि नीलेश ठाकुर का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। घटना की जांच की जा रही है।
जेल में कट्टा पहुंचने का रहस्य भी जांच के घेरे में
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला जेल जैसी सुरक्षा वाली जगह पर कैदी के पास कट्टा पहुंचा कैसे? पुलिस और जेल प्रशासन अब इस बिंदु की भी जांच कर रहे हैं। जेल स्टाफ से पूछताछ के साथ-साथ जेल की सुरक्षा व्यवस्था, तलाशी प्रक्रिया और हथियार जेल के अंदर पहुंचने के संभावित रास्तों की भी जांच की जा सकती है।
एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे
गोलीकांड की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी जिला जेल पहुंचे। एसपी आशुतोष गुप्ता सहित कई अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और जेल अधिकारियों से घटना की जानकारी ली।
एसपी आशुतोष गुप्ता ने कहा कि घटना जेल के भीतर हुई है, इसलिए मामले की जांच जेल अधिकारियों के साथ समन्वय कर की जाएगी। उन्होंने आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की पुष्टि करते हुए कहा कि उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि जेल के अंदर कट्टा कैसे पहुंचा। इस संबंध में जेल स्टाफ से भी पूछताछ की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी के पास हथियार कहां से आया, उसने जेल प्रहरी पर फायरिंग क्यों की और घटना के पीछे उसकी वास्तविक मंशा क्या थी।

