ग्रीनफील्ड मार्ग में जीरो टॉलरेंस, शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

कलेक्टर के सख्त निर्देश—शिकायत आने के बाद कार्रवाई से बचाव की उम्मीद न रखें अधिकारी, दो माह में जिले को टॉप-10 में लाने का लक्ष्य

रतलाम / पुलिस दर्पण

रतलाम। कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक लेते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले की राजस्व कार्यप्रणाली में सुधार हुआ है, लेकिन अभी अपेक्षित स्तर तक पहुंचना बाकी है। अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के साथ जिले की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बताया कि एक माह पूर्व जिले की राजस्व रैंकिंग 48वें स्थान पर थी, जो अब सुधार होकर 29वें स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने अधिकारियों को अगले दो माह में जिले को टॉप-10 में लाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी अधिकारी गंभीरता और प्राथमिकता के साथ लंबित प्रकरणों का निराकरण करें।

नामांतरण में तेजी, बंटवारा और अभिलेख दुरुस्ती में तेजी लाने के निर्देश

बैठक में नामांतरण, बंटवारा एवं अभिलेख दुरुस्ती के प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि नामांतरण के मामलों में प्रगति हुई है, लेकिन बंटवारा एवं अभिलेख दुरुस्ती के प्रकरणों के निराकरण की गति अपेक्षित नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए।

सीएम हेल्पलाइन की 1800 शिकायतें लंबित

कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि राजस्व विभाग से संबंधित करीब 1800 शिकायतें लंबित हैं। कलेक्टर ने आगामी दो माह में लंबित शिकायतों की संख्या 1000 से कम करने का लक्ष्य दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक रूप से निराकरण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान करते हुए संतुष्टिपूर्ण एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। तहसीलदारों ने बताया कि कुछ पुराने प्रकरण सिविल न्यायालय में विचाराधीन होने तथा अन्य कारणों से स्पेशल क्लोजर में रखे गए हैं। वहीं कुछ मामलों में बिना स्वत्व स्थापित किए व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण अथवा रास्ते को लेकर शिकायतें की गई हैं। कलेक्टर ने ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

सीएम हेल्पलाइन रैंकिंग में भी सुधार

कलेक्टर ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन में राजस्व विभाग की स्थिति पहले 52वें स्थान पर थी, जो वर्तमान में सुधार होकर 32वें स्थान पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि सुधार हुआ है, लेकिन इसे संतोषजनक नहीं माना जा सकता। अधिकारियों को शिकायतों के निराकरण में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग में जीरो टॉलरेंस

जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड मार्ग को राज्य शासन की प्राथमिकता का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बताते हुए कलेक्टर ने कहा कि मार्च 2028 में होने वाले सिंहस्थ से पूर्व इस मार्ग को चालू किया जाना है। इसलिए मार्ग निर्माण से जुड़े भूमि एवं अन्य कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन भूमि स्वामियों द्वारा मुआवजा राशि लेने से इनकार किया जा रहा है, उनकी मुआवजा राशि नियमानुसार धारा 77 के तहत न्यायालय में जमा कराने की कार्रवाई की जाए। निर्माण स्थल पर व्यवधान उत्पन्न करने वाले तत्वों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

लापरवाही सामने आई तो अधिकारी पर होगी कार्रवाई

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से संबंधित शिकायतों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता से निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन के संज्ञान में शिकायत आने के बाद किसी भी अधिकारी को कार्रवाई से बचाव की उम्मीद कलेक्टर से नहीं रखनी चाहिए। यदि शिकायत की जांच में अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो वे स्वयं शिकायत का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग शासन की योजनाओं और आमजन से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का विभाग है। इसलिए अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा आमजन की समस्याओं का समय पर, निष्पक्ष और संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। बैठक में सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र रावत, एसडीएम, तहसीलदार सहित संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।

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