बैतूल, म.प्र. 10 सितंबर 2026
देवीनाथ लोखंडे सह संपादक दक्षिण मध्यप्रदेश
बैतूल जिले में शासकीय एवं निजी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं, विशेषकर बालिकाओं के साथ दुराचार, लैंगिक अपराध एवं यौन शोषण की घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस अधीक्षक जिला बैतूल श्री वीरेंद्र जैन (भा.पु.से.) ने बड़ा आदेश जारी किया है।
पत्र क्रमांक पु.अ./बैतूल/जिविशा/का.व्य./विविध/1246/2026, दिनांक 10.09.2026 के तहत समस्त प्राचार्य/प्रधानाध्यापकों को 23 बिंदुओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मुख्य 10 बड़े निर्देश:
- स्कूल में बाल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता – भयमुक्त व सम्मानजनक माहौल।
- सभी शिक्षक, अतिथि शिक्षक, वाहन चालक, सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मी का अनिवार्य पुलिस/चरित्र सत्यापन।
- बच्चों को Good Touch-Bad Touch और साइबर सुरक्षा की नियमित जानकारी।
- POCSO Act 2012 के तहत सभी स्टाफ को वैधानिक दायित्वों से अवगत कराया जाए।
- CCTV कैमरे सदैव चालू रहें, शौचालय, सीढ़ियों, गलियारों, स्टोर रूम की नियमित निगरानी।
- बालिकाओं के लिए महिला शिक्षक को नोडल अधिकारी बनाया जाए।
- शिकायत पेटी/बाल शिकायत व्यवस्था और हेल्पलाइन नंबर प्रमुख स्थानों पर चस्पा हों।
- शिक्षक सोशल मीडिया पर निजी संपर्क न करें।
- बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश नियंत्रित, आगंतुक रजिस्टर अनिवार्य।
- घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी को तत्काल अवगत कराया जाए, घटना को छिपाने या दोषी को संरक्षण देने पर जवाबदेही तय होगी।
SP ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा केवल प्रबंधन की नहीं, बल्कि प्रत्येक शिक्षक-कर्मचारी की नैतिक एवं वैधानिक जिम्मेदारी है।

