संवाददाता बैतूल देवी नाथ लोखंडे
बैतूल। जिला न्यायालय परिसर में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह मानव सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायी संदेश बनकर सामने आया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री दिनेश चन्द्र थपलियाल के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन अधिकारियों, कर्मचारियों और पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया।
शिविर में रक्तदाताओं ने यह साबित कर दिया कि “रक्तदान ही महादान” केवल एक नारा नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। रक्तदान करने वाले सभी लोगों ने भविष्य में भी नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प लिया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री दिनेश चन्द्र थपलियाल ने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है और इसका कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। उन्होंने स्वस्थ नागरिकों से समय-समय पर रक्तदान करने की अपील की।
शिविर का आयोजन शासकीय जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक के सहयोग से किया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के बाद सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया गया। कार्यक्रम के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती शशिला बिलवाल ने सभी रक्तदाताओं का सम्मान करते हुए उनके मानवीय योगदान की सराहना की।
पिता के जन्मदिन पर बेटे ने दिया सबसे अनमोल उपहार
शिविर की सबसे भावुक और प्रेरणादायक तस्वीर तब सामने आई, जब रोहित साहू ने अपने पिता श्री शिव बालक साहू के जन्मदिन पर रक्तदान किया। रोहित ने कहा कि पिता के जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए इससे बड़ा कोई उपहार नहीं हो सकता। उन्होंने हर वर्ष पिता के जन्मदिन पर रक्तदान करने का संकल्प भी लिया।
यह आयोजन समाज को यह संदेश देता है कि रक्तदान केवल किसी की जान बचाने का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता के प्रति सबसे बड़ा दायित्व भी है।

