वीडियो कॉल पर अंतिम संस्कार देखने की बात ने भावुक कर दिया समाज, रिश्तों पर उठे सवाल
सोनीपत (हरियाणा)। पुलिस दर्पण डिस्क
हरियाणा के सोनीपत से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने रिश्तों की संवेदनशीलता और पारिवारिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 74 वर्षीय शिवचरण रामस्टन गुप्ता का एक वृद्धाश्रम में निधन हो गया, लेकिन उनकी अंतिम विदाई में उनकी तीनों बेटियाँ शामिल नहीं हुईं।
जानकारी के अनुसार, वृद्धाश्रम प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी थी, लेकिन बेटियों ने स्वयं आने में असमर्थता जताते हुए अंतिम संस्कार के लिए ₹5,100 भेज दिए। साथ ही कथित रूप से कहा कि अंतिम संस्कार वहीं कर दिया जाए और उन्हें वीडियो कॉल या वीडियो के माध्यम से दिखा दिया जाए।
बताया जाता है कि अंतिम संस्कार के दौरान वीडियो कॉल पर बेटियों ने यह भी पूछा कि “अभी और कितना समय लगेगा? पूरी वीडियो भेज देना।” इस कथित व्यवहार ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है और लोग इसे रिश्तों में बढ़ती संवेदनहीनता का उदाहरण बता रहे हैं।
वृद्धाश्रम प्रशासन और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में बुजुर्ग का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया।
यह घटना एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि माता-पिता, जो जीवनभर अपने बच्चों के लिए त्याग और संघर्ष करते हैं, उन्हें वृद्धावस्था में सम्मान, अपनापन और साथ मिलना कितना आवश्यक है।

