रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए एसओपी और रोस्टर लागू करने के निर्देश
नकल शाखा और अभिलेखागार में पेंडेंसी पर कलेक्टर सख्त, कहा— आमजन को समय पर सेवाएं देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
लोकसेवा ऑपरेटर/ ,रनर को रोजाना हाजिरी देने और लंबित मामलों का विवरण दर्ज करने की हिदायत
सागर / प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, गति और समयबद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने नकल शाखा एवं अभिलेखागार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों में लापरवाही और भारी पेंडेंसी पाए जाने पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए सहायक ग्रेड-3 सुधीर शर्मा को को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
लापरवाही पर कड़ा एक्शन, समय-सीमा के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक से बाहर हो चुके मामलों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन भी स्तरों पर मामलों को बेवजह लंबित रखा गया है, उनकी सूची तैयार कर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए लागू होगी एसओपी
कार्यप्रणाली को पूरी तरह व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए कलेक्टर ने एक बड़ा प्रशासनिक सुधार लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के रिकॉर्ड के रख-रखाव, प्राप्ति और निराकरण के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार की जाए। इसके साथ ही, कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के लिए भी व्यवस्था की जाए, ताकि यह स्पष्ट रहे कि कौन सा काम किस समय-सीमा के भीतर पूरा होना है।
दैनिक मॉनिटरिंग और उपस्थिति अनिवार्य
नकल शाखा और लोकसेवा केंद्र के समन्वय को सुधारने के लिए कलेक्टर ने निर्देशित किया कि लोकसेवा का ऑपरेटर अथवा रनर प्रतिदिन अनिवार्य रूप से शाखा में उपस्थित होगा। वह न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा, बल्कि रोजाना लंबित प्रकरणों का पूरा विवरण भी रजिस्टर में दर्ज करेगा।
पेंडेंसी खत्म करना सर्वोच्च प्राथमिकता
अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि नकल शाखा, लोक सेवा और अभिलेखागार में प्राप्त होने वाले आवेदनों का निपटारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही होना चाहिए। इस दौरान एडीएम श्री अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन बिसेन, एसडीएम श्री अमन मिश्रा सहित एअन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

