कलेक्टर की अध्यक्षता में किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के तहत जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक सम्पन्न

बाल संरक्षण मामलों के संवेदनशील निराकरण एवं चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट स्थापना हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश।

सिंगरौली / पुलिस दर्पण
कलेक्टर श्री गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल संरक्षण, बाल श्रम उन्मूलन, बाल विवाह रोकथाम तथा प्रभावित बच्चों के पुनर्वास एवं शिक्षा से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में कलेक्टर श्री बैनल ने निर्देश दिए कि बाल कल्याण समिति के माध्यम से प्राप्त होने वाले सभी प्रकरणों का संबंधित विभाग पूरी संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रभावित बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी शिक्षा, सुरक्षा एवं पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिन बच्चों की पढ़ाई छूट गई है, उनका पुनः विद्यालय में प्रवेश कराकर शिक्षा प्रारंभ कराई जाए।
कलेक्टर ने श्रम विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि बाल श्रम से संबंधित प्रकरणों का गंभीरता से परीक्षण किया जाए तथा बाल श्रमिकों का नियोजन कराने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर दण्डात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों को पुनः श्रम में न लगाया जाए तथा उनके अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने हेतु प्रेरित किया जाए।बैठक में जिले में संरक्षण एवं देखरेख की आवश्यकता वाले बच्चों हेतु चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट स्थापित किए जाने के संबंध में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही इसके संचालन की जिम्मेदारी रेडक्रॉस सोसायटी को सौंपे जाने के संबंध में भी चर्चा की गई।

कलेक्टर ने बाल विवाह के प्रकरणो से संबंधित बच्चों का शत-प्रतिशत स्कूल मे नामांकन सुनिश्चित कराने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी एवं डीपीसी को निर्देशित किया। उन्होंने नगर निगम, शिक्षा विभाग एवं श्रम विभाग को आपसी समन्वय स्थापित कर ऐसे स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जहां बच्चों से कार्य कराया जा रहा है। साथ ही ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने एवं अभिभावकों में जागरूकता लाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के दौरान महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा समितियों के माध्यम से संचालित गतिविधियों एवं कार्यों की जानकारी विस्तारपूर्वक प्रस्तुत की गई। वहीं समिति के सदस्यों द्वारा भी विभिन्न सुझाव दिए गए।

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