जनसुनवाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव: अब हर मंगलवार हर विभाग में होगी जनसुनवाई

जिला मुख्यालय आने की जरूरत नहीं, स्थानीय स्तर पर ही सुनी जाएंगी समस्याएं; त्वरित निराकरण के निर्देश

रतलाम। पुलिस दर्पण

आमजन को अपनी समस्याओं और शिकायतों के निराकरण के लिए जिला मुख्यालय तक अनावश्यक रूप से आने की परेशानी से राहत देने तथा प्रशासन को नागरिकों के अधिक निकट लाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अजय कटेसरिया ने जिले में जनसुनवाई व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया है।

अब जिले के सभी जिला स्तरीय, अनुविभागीय, तहसील, विकासखंड, जनपद पंचायत, नगरीय निकाय एवं अन्य शासकीय कार्यालयों में प्रत्येक मंगलवार प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक विकेंद्रीकृत जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।

स्थानीय स्तर पर ही होगा समस्याओं का समाधान

कलेक्टर श्री कटेसरिया ने जारी आदेश में कहा कि नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों के त्वरित, प्रभावी और संवेदनशील निराकरण के लिए प्रत्येक मंगलवार जनसुनवाई आयोजित करने के शासन के निर्देश पूर्व से प्रभावशील हैं। अब तक जिला मुख्यालय पर केंद्रीकृत जनसुनवाई आयोजित की जा रही थी। समीक्षा में सामने आया कि दूरस्थ ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों को अपनी समस्या रखने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

इससे समय, धन और श्रम की अनावश्यक हानि होती थी। विशेष रूप से किसान, श्रमिक, महिलाएं, वृद्धजन, दिव्यांगजन एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।

कलेक्टर ने कहा कि जिला स्तरीय जनसुनवाई में प्राप्त अधिकांश आवेदन बाद में संबंधित विभाग, तहसील, अनुविभाग, जनपद पंचायत, नगरीय निकाय अथवा मैदानी कार्यालयों को ही निराकरण के लिए भेजे जाते हैं। ऐसे में नागरिकों को पहले जिला मुख्यालय बुलाकर आवेदन लेना और फिर उसी आवेदन को संबंधित कार्यालय भेजना समय एवं संसाधनों का प्रभावी उपयोग नहीं है। इसी कारण अब समस्याओं के स्थानीय स्तर पर समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी।

कार्यालय प्रमुख स्वयं रहेंगे मौजूद

निर्देशों के अनुसार प्रत्येक संबंधित कार्यालय प्रमुख स्वयं जनसुनवाई में उपस्थित रहेंगे और नागरिकों से आवेदन प्राप्त कर यथासंभव मौके पर ही उनका निराकरण करेंगे। अपरिहार्य परिस्थितियों में सक्षम वरिष्ठ अधिकारी को अधिकृत किया जा सकेगा।

प्रत्येक कार्यालय में जनसुनवाई के लिए स्थान निर्धारित किया जाएगा। कार्यालय के सूचना-पटल पर स्पष्ट रूप से “जनसुनवाई – प्रत्येक मंगलवार, प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक” प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। स्थानीय स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।

आवेदन का पंजीयन और पावती देना अनिवार्य

जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निर्धारित पंजी में पंजीयन किया जाएगा तथा आवेदक को पावती दी जाएगी। आवेदन पर की गई कार्रवाई, वर्तमान स्थिति और अंतिम निराकरण का पूरा अभिलेख भी संधारित किया जाएगा।

जिन मामलों का निराकरण संबंधित अधिकारी के स्तर पर संभव होगा, उनका समाधान उसी स्तर पर प्राथमिकता से किया जाएगा। अनावश्यक रूप से आवेदन जिला मुख्यालय अथवा उच्च कार्यालयों को भेजने पर रोक रहेगी।

केवल ऐसे प्रकरण, जिनमें जिला स्तर पर निर्णय, विभिन्न विभागों के समन्वय, नीतिगत मार्गदर्शन अथवा कलेक्टर स्तर के हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी, उन्हें समुचित प्रतिवेदन के साथ जिला कार्यालय भेजा जाएगा।

शुक्रवार को ‘जनविश्वास’, मंगलवार को विकेंद्रीकृत जनसुनवाई

कलेक्टर श्री कटेसरिया ने बताया कि राज्य शासन द्वारा संचालित ‘जनविश्वास’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक शुक्रवार अधिकारी मैदानी क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं। इसी भावना के अनुरूप मंगलवार की जनसुनवाई को भी नागरिकों के निकटतम सक्षम कार्यालय में प्रभावी बनाया जा रहा है।

इस व्यवस्था से प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत होने के साथ शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

अनावश्यक देरी और आवेदन अग्रेषित करने की प्रवृत्ति पर रोक

कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) एवं जिला अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों में जनसुनवाई व्यवस्था की नियमित समीक्षा और सतत पर्यवेक्षण के निर्देश दिए हैं।

जिला स्तर से भी विकेंद्रीकृत जनसुनवाई की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। आवश्यकता अनुसार अधिकारियों की उपस्थिति और आवेदनों के निराकरण की स्थिति का आकस्मिक सत्यापन भी कराया जाएगा।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अनावश्यक विलंब अथवा केवल एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में आवेदन अग्रेषित करने की प्रवृत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।

नागरिकों को जिला मुख्यालय आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा

कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने स्पष्ट किया कि जिस कार्य का निराकरण संबंधित तहसील, अनुविभाग, विकासखंड, नगरीय निकाय अथवा विभागीय कार्यालय के स्तर पर किया जा सकता है, उसके लिए किसी भी नागरिक को जिला मुख्यालय आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

जनसुनवाई के दौरान नागरिकों के साथ शिष्ट, संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के साथ बैठने, पेयजल एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

कलेक्टर श्री कटेसरिया ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगवाना नहीं, बल्कि शासन और प्रशासन को नागरिकों के अधिक निकट पहुंचाकर सुशासन, पारदर्शिता और जनविश्वास को मजबूत करना है। नई व्यवस्था से आमजन की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित होगा और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक उत्तरदायी एवं जनहितैषी बनेगी।

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