दैनिक भास्कर का फर्जी पेज बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाया झूठ, आदतन अपराधी गिरफ्तार

अखबार का नाम और लोगो चुराकर बनाई फर्जी खबर, फेसबुक पर किया वायरल; कॉपीराइट एक्ट और BNS की गंभीर धाराओं में केस दर्ज

संवाददाता बैतूल देवीनाथ लोखंडे

बैतूल। सोशल मीडिया पर बड़े समाचार पत्रों के नाम और लोगो का दुरुपयोग कर फर्जी खबरें फैलाने वालों पर बैतूल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने दैनिक भास्कर के इंदौर संस्करण के नाम से फर्जी पृष्ठ तैयार कर उस पर मनगढ़ंत समाचार प्रकाशित दिखाया और उसे अपनी फेसबुक आईडी से वायरल कर दिया।

पुलिस के अनुसार आरोपी पंकज अतुलकर ने 26 जून 2026 के नाम से दैनिक भास्कर का फर्जी पेज तैयार किया और अपनी फेसबुक आईडी “PANKAJ ATULKER” से प्रसारित किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि जिस समाचार को प्रकाशित बताया गया था, वह दैनिक भास्कर में कभी छपा ही नहीं था। अखबार के नाम और लोगो का अवैध उपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया था।

दैनिक भास्कर की ओर से संपादक बसंत कुमार शर्मा की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 336(4), 340(2), 318(3), 356(1) तथा कॉपीराइट एक्ट की धारा 51/63 के तहत अपराध दर्ज किया गया।

पुलिस ने आरोपी पंकज अतुलकर (37 वर्ष), निवासी अंबेडकर वार्ड, टिकारी, बैतूल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। उसके कब्जे से वह मोबाइल फोन भी जब्त किया गया जिससे फेसबुक आईडी संचालित की जा रही थी।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ बैतूल जिले के विभिन्न थानों में करीब एक दर्जन आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और उसे पिछले वर्ष जिला बदर भी किया जा चुका है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपूसे एवं एसडीओपी बैतूल के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में निरीक्षक देवकरण डेहरिया, प्रधान आरक्षक विनय पांडे एवं आरक्षक तरुण पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस की चेतावनी

बैतूल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी समाचार या दस्तावेज को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। किसी समाचार पत्र, संस्था या संगठन के नाम, लोगो अथवा पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी सामग्री तैयार करना और उसे प्रसारित करना गंभीर दंडनीय अपराध है। ऐसी कोई भी भ्रामक सामग्री दिखाई देने पर तत्काल पुलिस, डायल-112 या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें।

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