बाढ़ और सिंहस्थ कुंभ की चुनौतियों से निपटने का विशेष प्रशिक्षण शुरू

बड़वानी के 231 युवा बनेंगे आपदा योद्धा, बाढ़ और सिंहस्थ कुंभ की चुनौतियों से निपटने का विशेष प्रशिक्षण शुरू
सात दिवसीय ‘युवा आपदा मित्र’ प्रशिक्षण शिविर का तीसरा सत्र प्रारंभ, आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का दिया जा रहा व्यावहारिक प्रशिक्षण

बड़वानी / पुलिस दर्पण संवाददाता
जिले में आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत बनाने और युवाओं को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से सात दिवसीय ‘युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण’ के तीसरे सत्र का शुभारंभ किया गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए), मुख्यालय म.प्र. होमगार्ड्स के निर्देशानुसार, कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह के निर्देशन एवं संभागीय सेनानी इंदौर श्रीमती प्रीति बाला सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में जिले के 231 युवा आपदा मित्र भाग ले रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि संभागीय सेनानी श्रीमती प्रीति बाला सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान वर्षा ऋतु में संभावित बाढ़ आपदाओं के दौरान जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग देने के साथ-साथ आगामी सिंहस्थ कुंभ जैसे विशाल आयोजनों में भी इन प्रशिक्षित युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता और समर्पण के साथ ग्रहण करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर एक महिला आपदा मित्र को सांकेतिक रूप से आपदा राहत किट प्रदान कर प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में जिला सेनानी धार श्री आर.पी. मीणा ने बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की रणनीतियों पर प्रकाश डाला, जबकि जिला सेनानी बड़वानी ने वर्तमान समय में आपदा प्रशिक्षण की बढ़ती आवश्यकता और महत्व पर विस्तृत जानकारी दी।
दूसरे दिन सिखाए गए बाढ़ बचाव के आधुनिक तरीके
प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रतिभागियों को बाढ़ आपदा से बचाव एवं राहत कार्यों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्लाटून कमांडर श्री मुकेश मीणा तथा एसडीईआरएफ (एसडीआरएफ) की विशेषज्ञ टीम ने युवाओं को आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के संचालन, रखरखाव और आपातकालीन परिस्थितियों में उनके प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्रशिक्षण शिविर में आगामी दिनों में विशेष मास्टर ट्रेनर्स भी शामिल होंगे, जो प्रतिभागियों को विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से निपटने की उन्नत तकनीकों और बचाव कौशल का प्रशिक्षण देंगे।
आपदा प्रबंधन में युवाओं की बढ़ेगी भागीदारी
प्रशासन का मानना है कि इस प्रशिक्षण से जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियां और मजबूत होंगी तथा प्रशिक्षित युवा संकट की घड़ी में प्रशासन और आमजन के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाएंगे। बाढ़, दुर्घटना, आगजनी और बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान ये युवा राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय सहयोग प्रदान कर सकेंगे।

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