👉विद्यार्थियों एवं स्कूल स्टाफ से संवाद कर यातायात नियमों के पालन एवं सुरक्षित आवागमन का दिया संदेश
👉 स्कूल बसों में आपातकालीन द्वार, फर्स्ट-एड किट, अग्निशामक यंत्र, पैनिक बटन सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच
👉बस चालकों को सुरक्षा उपकरणों के उपयोग एवं यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की दी समझाइश
रतलाम | पुलिस दर्पण
रतलाम । जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं स्कूली वाहनों में सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रतलाम पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश पंद्रो (रा.पु.से.) एवं उप पुलिस अधीक्षक यातायात श्री आनंद स्वरूप सोनी के मार्गदर्शन में दिनांक 11 जुलाई 2026 को यातायात पुलिस टीम द्वारा मॉर्निंग स्टार स्कूल एवं हिमालया इंटरनेशनल स्कूलका भ्रमण कर यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया।
विद्यार्थियों एवं स्कूल स्टाफ से किया संवाद–
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी यातायात कार्यवाहक निरीक्षक राजशेखर वर्मा, यातायात सूबेदार अनोखीलाल परमार एवं यातायात पुलिस टीम द्वारा विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ से संवाद किया गया।
विद्यार्थियों को यातायात नियमों के महत्व एवं सड़क पर सुरक्षित आवागमन के संबंध में जानकारी देते हुए समझाया गया कि यातायात नियम केवल कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा से सीधे जुड़े हुए हैं।
विद्यार्थियों को सड़क पार करते समय सावधानी रखने, यातायात संकेतों का पालन करने, दोपहिया वाहन पर हेलमेट एवं चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से होने वाले खतरों के संबंध में जागरूक किया गया।
साथ ही विद्यार्थियों को स्वयं यातायात नियमों का पालन करने एवं अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था का किया निरीक्षण–
जागरूकता कार्यक्रम के साथ ही यातायात पुलिस टीम द्वारा विद्यालयों में संचालित 32 स्कूल बसों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान बसों में विद्यार्थियों की सुरक्षा से संबंधित आवश्यक उपकरणों एवं व्यवस्थाओं की जांच की गई। इनमें प्रमुख रूप से— आपातकालीन द्वार एवं खिड़कियां, आपात स्थिति में कांच तोड़ने के लिए सुरक्षा हथौड़े, फर्स्ट-एड किट, अग्निशामक यंत्र, पैनिक बटन तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण शामिल रहे।
पुलिस टीम द्वारा बसों में उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों की स्थिति एवं उपयोगिता की जांच की गई तथा वाहन चालकों को इन उपकरणों के उपयोग के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।
स्कूल बस चालकों को दी यातायात नियमों के पालन की समझाइश– यातायात पुलिस द्वारा स्कूल बस चालकों से संवाद कर उन्हें विद्यार्थियों के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी के प्रति संवेदनशील रहने की समझाइश दी गई।
बस चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने, नशे की स्थिति में वाहन नहीं चलाने, निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को नहीं बैठाने तथा बसों में सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरणों को सदैव कार्यशील स्थिति में रखने के निर्देश दिए गए।
साथ ही स्कूल प्रबंधन एवं वाहन चालकों को विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यातायात नियमों एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की समझाइश दी गई।

