विदेशी युवतियों से देह व्यापार केस में कोर्ट सख्त

तुलसी वॉटर पार्क स्पा मैनेजर की दूसरी जमानत भी खारिज, जांच पर फिर उठे सवाल।

न्यायालय ने कहा— परिस्थितियों में नहीं आया कोई बदलाव, गंभीर अपराध में राहत का आधार नहीं; पुलिस जांच और स्थानीय स्तर पर कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज।
रतलाम पुलिस दर्पण

रतलाम । नामली थाना क्षेत्र के पंचेड़ स्थित तुलसी वॉटर पार्क एवं स्पा सेंटर में विदेशी महिलाओं के माध्यम से कथित अनैतिक देह व्यापार संचालित किए जाने के चर्चित मामले में न्यायालय ने आरोपी मैनेजर भरत पिता सुरेश मेवाड़ा (27), निवासी शिवाजी नगर, पाली (राजस्थान) को बड़ा झटका दिया है।

द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आशीष श्रीवास्तव ने आरोपी की दूसरी नियमित जमानत याचिका भी निरस्त कर दी। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि पहली जमानत याचिका खारिज होने के बाद से परिस्थितियों में कोई ऐसा महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं हुआ है, जिसके आधार पर आरोपी को जमानत का लाभ दिया जा सके।
अभियोजन के अनुसार 5 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में विशेष टीम ने पंचेड़ स्थित तुलसी वॉटर पार्क एवं स्पा सेंटर पर दबिश देकर कथित अनैतिक देह व्यापार का खुलासा किया था। कार्रवाई के दौरान मैनेजर भरत मेवाड़ा सहित अन्य आरोपियों तथा तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने प्रकरण में अनैतिक देह व्यापार से संबंधित गंभीर धाराओं के साथ विदेशियों एवं आप्रवास संबंधी कानूनों के तहत भी मामला दर्ज किया है।
बचाव पक्ष ने बताया कर्मचारी, शासन ने किया कड़ा विरोध
आरोपी की ओर से अधिवक्ता योगेश शर्मा ने दलील दी कि उनका मुवक्किल केवल वॉटर पार्क का कर्मचारी है और स्पा सेंटर की गतिविधियों से उसका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस के पास उसे स्पा मैनेजर साबित करने वाला कोई ठोस दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। वहीं शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक विवेक उपाध्याय ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है, अनुसंधान अभी जारी है और आरोपी को इस स्तर पर राहत देना जांच को प्रभावित कर सकता है।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि मामला केवल अनैतिक देह व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशी महिलाओं की कथित संलिप्तता और आरोपियों की संगठित भूमिका प्रथम दृष्टया गंभीर अपराध की ओर संकेत करती है। ऐसे में परिस्थितियों में बदलाव के अभाव में दूसरी जमानत याचिका स्वीकार करने का कोई आधार नहीं बनता।
इन धाराओं में दर्ज है प्रकरण
नामली पुलिस ने अपराध क्रमांक 230/2026 में अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम की धारा 3, 4, 5, 6, 7 एवं 8 तथा आप्रवास एवं विदेशियों से संबंधित अधिनियम की धारा 20(1) सहपठित धारा 23(बी) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले की विवेचना जारी है।
जांच को लेकर उठ रहे सवाल।
प्रकरण सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने तत्कालीन थाना प्रभारी अमित कोरी को नोटिस जारी किया था। बाद में मामले की जांच अन्य पुलिस इकाई को सौंपी गई। सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक कार्रवाई एसपी के निर्देशन में विशेष टीम एवं महिला थाना प्रभारी की निगरानी में की गई थी। वहीं स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि मामले की जांच की गति को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है।
एसडीओपी की अपील।
एसडीओपी किशोर पाटनवाला ने नागरिकों से अपील की है कि अपने क्षेत्र में रहने वाले किरायेदारों, नौकरों तथा बाहरी व्यक्तियों की जानकारी अनिवार्य रूप से पुलिस थाने में उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना मिलने से आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में संचालित ढाबों, कारखानों एवं किरायेदारों की जानकारी पुलिस को नहीं मिलने से जांच और निगरानी प्रभावित होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!