एक साल की मासूम बेटी बनी खौफनाक वारदात की गवाह, लाइव लोकेशन भेजकर बुलाया प्रेमी, पहाड़ी जंगल में बेरहमी से की गई हत्या।
दर्दनाक कहानी: प्यार, विश्वासघात और मौत का सफर।
चित्तूर (आंध्र प्रदेश)।
सात फेरों के समय लिए गए जन्म-जन्मांतर तक साथ निभाने के वचन कब टूट जाएं, यह कोई नहीं जानता। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले से सामने आई यह घटना रिश्तों में विश्वासघात की ऐसी दर्दनाक कहानी है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। पुलिस जांच के अनुसार, वर्ष 2024 में हसिनी (19) का विवाह तमिलनाडु निवासी रमेश (23) से हुआ था। दोनों की एक साल की मासूम बेटी भी है। लेकिन आरोप है कि शादी के बाद भी हसिनी का अपने पुराने प्रेमी युगंधर से संबंध बना रहा। धीरे-धीरे दोनों ने रमेश को रास्ते से हटाने की कथित साजिश रच डाली।
मंदिर यात्रा बनी मौत की आखिरी मंजिल
14 जुलाई को हसिनी ने पति रमेश से श्री मल्लेश्वर स्वामी मंदिर चलने की बात कही। रमेश अपनी पत्नी और मासूम बेटी के साथ बाइक से मंदिर के लिए निकल पड़ा। उसे क्या पता था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
पुलिस के अनुसार, रास्ते भर हसिनी अपने प्रेमी को मोबाइल पर लाइव लोकेशन भेजती रही। जैसे ही पहाड़ी रास्ते के तीसरे हेयरपिन मोड़ पर पहुंची, उसने जानबूझकर अपना बैग नीचे गिरा दिया। रमेश जैसे ही बैग उठाने के लिए बाइक से उतरा, पहले से घात लगाए बैठे आरोपी सक्रिय हो गए।
100 मीटर तक पीछा… फिर बेरहम कत्ल
जांच के मुताबिक, आरोपियों ने रमेश का करीब 100 मीटर तक पीछा किया और उसे जंगल की ओर घसीट ले गए। वहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। चाकुओं से कई वार किए गए और जब वह गंभीर रूप से घायल हो गया, तो उसके सिर पर बड़ा पत्थर पटककर उसकी हत्या कर दी गई।
सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि वारदात के दौरान दंपति की एक वर्षीय बेटी भी घटनास्थल के आसपास मौजूद थी।
मोबाइल बना सबसे बड़ा गवाह
हत्या के बाद पुलिस ने जब मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन हिस्ट्री और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की तो कथित साजिश की परतें खुलने लगीं। पुलिस का दावा है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्य मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
हसिनी, उसके कथित प्रेमी युगंधर और अन्य सहयोगियों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और साक्ष्य मिटाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश जारी है।
चर्चा में आया विश्वासघात का एक और मामला
इस वारदात की तुलना हाल के चर्चित पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड से भी की जा रही है, जहां प्रेम संबंधों के चलते हत्या की कथित साजिश का आरोप सामने आया था। हालांकि, दोनों मामलों की जांच अलग-अलग एजेंसियां कर रही हैं और उनके तथ्य स्वतंत्र हैं।

