नर्मदापुरम | पुलिस दर्पण
नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक आयोजन एवं “मध्य प्रदेश का अमरनाथ” कहे जाने वाले नागद्वारी मेले का आयोजन इस वर्ष 08 अगस्त से 17 अगस्त तक पचमढ़ी में होगा। मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने बुधवार को पचमढ़ी स्थित संजय गांधी संस्थान में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर व्यापक तैयारियों के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री साई कृष्ण एस. थोटा, जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु जैन, एसडीएम श्री आकिब खान, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के उपसंचालक ऋषभा नेताम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन होगी सक्रिय
कलेक्टर ने एसडीएम पिपरिया को निर्देश दिए कि मेले के लिए अलग कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए, जहां श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता मिल सके। साथ ही प्रमुख स्थानों पर वाहन किराया सूची और कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबरों वाले फ्लेक्स बोर्ड लगाए जाएं।
ट्रेक मार्ग, पुल, रेलिंग और सड़कों की होगी मरम्मत
लोक निर्माण विभाग को नागद्वारी ट्रेक मार्ग का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत, लोहे के पुल, सीढ़ियां, रेलिंग तथा क्षतिग्रस्त मार्गों का रेस्टोरेशन प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। एमपीआरडीसी को भूस्खलन या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई तथा पचमढ़ी में क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
वन्यजीव और सड़क सुरक्षा पर विशेष फोकस
वन विभाग के समन्वय से वन्यजीव क्रॉसिंग क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर, रोड मिरर और चेतावनी संकेत लगाए जाएंगे। प्रमुख मोड़ों पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएंगे ताकि दुर्घटनाओं की संभावना न्यूनतम रहे।
स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक तैयारी
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को स्वच्छ पेयजल की निर्बाध आपूर्ति, नियमित क्लोरीनेशन और जल गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा शिविर, प्रशिक्षित मेडिकल टीम, एंबुलेंस, स्नेक बाइट के लिए एंटी वेनम किट और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता पर कड़ी निगरानी
खाद्य सुरक्षा विभाग मेले में संचालित सभी खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करेगा ताकि फूड प्वाइजनिंग जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। नगर पालिका और साडा को मेला क्षेत्र में नियमित सफाई, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, डस्टबिन और कचरा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बिजली, रोशनी और मोबाइल टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पूरे मेला क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षित विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक स्थानों पर मोबाइल टॉयलेट स्थापित किए जाएंगे।
ट्रैफिक और पार्किंग होगी पूरी तरह व्यवस्थित
यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पर्याप्त एवं रिजर्व पार्किंग की व्यवस्था, बसों की मार्किंग, सुरक्षा जांच, चेक पोस्ट और बड़े वाहनों के प्रवेश पर आवश्यक नियंत्रण के निर्देश दिए गए। परिवहन एवं पुलिस विभाग संयुक्त रूप से ट्रैफिक प्रबंधन संभालेंगे।
अवैध शराब और नशे पर रहेगी सख्त निगरानी
आबकारी विभाग को मेले के दौरान अवैध शराब और मादक पदार्थों की बिक्री एवं सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही फायर ब्रिगेड, अग्निशमन यंत्र और आपदा प्रबंधन की भी समुचित व्यवस्था रखने को कहा गया।
30 जुलाई तक पूरी हों सभी तैयारियां
कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि ट्रैफिक, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा, बिजली और अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं 30 जुलाई तक हर हाल में पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने मेला मंडलों की मांग पर 4 अगस्त से मेला स्थल पर सामग्री ले जाने की अनुमति देने तथा मेला समाप्ति के दो दिन बाद तक सामग्री वापस ले जाने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने कहा कि “नागद्वारी केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि प्राकृतिक धरोहर भी है। हमारा प्रयास है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और प्रकृति एवं वन्यजीवों को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर इस मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य बनाएं।”

