विकास कुमावत ने चौथी तो पत्नी जया ने दूसरी बार किया रक्तदान
नामली/रतलाम। पुलिस दर्पण
नामली/रतलाम। सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को आगे बढ़ाते हुए नामली निवासी पति-पत्नी विकास कुमावत (34) और जया कुमावत (28) ने मेडिकल कॉलेज रतलाम में एक साथ रक्तदान कर समाज के सामने प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। दोनों ने रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए अपना योगदान दिया और अन्य लोगों से भी इस सेवा कार्य में आगे आने की अपील की।
सेवा से संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित रक्तदान गतिविधि में विकास कुमावत ने अपनी पत्नी जया के साथ रक्तदान किया। विकास ने बताया कि वे अब तक चार बार रक्तदान कर चुके हैं, जबकि उनकी पत्नी जया ने दूसरी बार रक्तदान किया है। विकास कुमावत ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि जरूरत के समय किसी अनजान व्यक्ति के जीवन में मददगार बनने का अवसर भी है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि स्वस्थ एवं पात्र व्यक्ति आगे आकर नियमित रूप से रक्तदान करें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता बनी रहे। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी जब कभी जरूरत होगी, वे रक्तदान के लिए आगे आते रहेंगे और सेवा कार्य में अपना योगदान देते रहेंगे।
परिवार से समाज तक पहुंचा सेवा का संदेश
विकास और जया द्वारा एक साथ रक्तदान करने की पहल ने यह संदेश दिया कि सामाजिक सेवा की शुरुआत अपने परिवार से भी की जा सकती है। पति-पत्नी ने स्वयं रक्तदान करने के साथ अन्य लोगों को भी इस मानवीय कार्य के लिए प्रेरित किया।
एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे में विकास और जया की पहल रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करने वाला संदेश देती है।

