धामनोद के पूर्व थाना प्रभारी संतोष दूधी के खिलाफ BNS की धारा 351(3) में कार्रवाई के निर्देश
धार/धरमपुरी। पुलिस दर्पण
धार/धरमपुरी। पत्रकार को फोन पर कथित रूप से मकान तोड़ने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने के मामले में धामनोद के पूर्व थाना प्रभारी संतोष दूधी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धरमपुरी न्यायालय ने मामले में पूर्व टीआई के विरुद्ध BNS की धारा 351(3) के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर अभियोजन चलाने का आदेश दिया है। न्यायालय का यह आदेश 16 सितंबर 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक जैन द्वारा पारित किया गया।
वाहनों पर पथराव की सूचना देने पर पत्रकार को धमकी का आरोप मामला 3 जून 2025 का है।
धामनोद थाना क्षेत्र के नए गणपति घाट, मुंबई-आगरा राजमार्ग पर अज्ञात लोगों द्वारा वाहनों पर पथराव किए जाने की घटना सामने आई थी। ‘धामनोद समाचार’ के प्रधान संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार विजय सिंघल ने तत्कालीन टीआई संतोष दूधी को घटना की सूचना दी थी। आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय टीआई ने पत्रकार को फोन पर मकान तोड़ने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। कथित बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद पत्रकार संगठनों में नाराजगी देखने को मिली थी।
सुलह के बाद रोजनामचे में दर्ज आरोपों से फिर बढ़ा विवाद
मामले में एडिशनल एसपी के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों के बीच सुलह होने की बात सामने आई। इसके बावजूद पत्रकार का आरोप है कि 9 जून को पूर्व टीआई द्वारा रोजनामचे में उनके विरुद्ध गंभीर एवं अनर्गल आरोप दर्ज किए गए। इसके बाद विजय सिंघल ने धरमपुरी न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया।
अधिवक्ता प्रदीप दुबे की पैरवी और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर सुनवाई के बाद अदालत ने पूर्व टीआई के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर अभियोजन चलाने का आदेश दिया।
पत्रकार संगठनों ने फैसले का किया स्वागत
न्यायालय के आदेश का पत्रकार जगत ने स्वागत किया है। जिला पत्रकार संघ धार के अध्यक्ष छोटू शास्त्री और एसकेपी न्यूज़ की प्रधान संपादक रेनू अग्रवाल ने कहा कि पत्रकार द्वारा सूचना दिए जाने के बाद उसे धमकाना उचित नहीं है। उन्होंने न्यायालय के आदेश को पत्रकारों के अधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।

