जमीन विवाद में बुजुर्ग महिला की हत्या का रतलाम पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार
रतलाम | पुलिस दर्पण
रतलाम । जिले के बड़ावदा थाना क्षेत्र के ग्राम लसुडिया जंगली में जमीन और पुराने मकान के विवाद में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला कमलाबाई बागरी की हत्या के मामले में रतलाम पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर चारों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। उपलब्ध समाचारों और स्थानीय रिपोर्टों में भी इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता बताया गया है।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार को ग्राम लसुडिया जंगली में पुराने मकान और जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और आरोपियों ने कथित रूप से कमलाबाई बागरी (70 वर्ष), रविना तथा काजल के साथ गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट कर दी। गंभीर रूप से घायल कमलाबाई को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना में अन्य लोग भी घायल हुए।
वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल तथा प्रभारी एसडीओपी जावरा युवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।
थाना बड़ावदा और चौकी सुखेड़ा पुलिस ने संयुक्त रूप से घेराबंदी कर पहले मुख्य आरोपी अजय को हिरासत में लिया। इसके बाद लगातार दबिश देकर तीन अन्य महिला आरोपियों भागवंताबाई, मंजु और साईता को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी
अजय पिता शंकरलाल (26 वर्ष), निवासी ग्राम लसुडिया जंगली।
भागवंताबाई पति शंकरलाल (45 वर्ष), निवासी ग्राम लसुडिया जंगली।
मंजु पति गोपाल परमार (22 वर्ष), निवासी ग्राम खोखरा (सैलाना), हाल मुकाम लसुडिया जंगली।
साईता पिता शंकरलाल (19 वर्ष), निवासी ग्राम लसुडिया जंगली।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष चौरसिया, उपनिरीक्षक एम.एल. बड़ोदिया, एएसआई शिवजी यादव, प्रधान आरक्षक दिनेश सिंह तोमर, आरक्षक गोपाल सिंह सोनगरा, साइबर सेल रतलाम के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, आरक्षक विपुल भावसार, मयंक, तथा चौकी सुखेड़ा के आरक्षक प्रेम मीणा और जितेन्द्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी।
यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि जमीन संबंधी विवाद किस प्रकार गंभीर आपराधिक घटनाओं का रूप ले सकते हैं। पुलिस ने नागरिकों से ऐसे मामलों में कानून का सहारा लेने और विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करने की अपील की है।

