इंदौर | पुलिस दर्पण
इंदौर । संभाग में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अप्रैल से जून 2026 के बीच 35,121 महिलाओं को योजना का लाभ प्रदान किया गया है। यह जानकारी संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े द्वारा स्वास्थ्य, आयुष, एमजीएम मेडिकल कॉलेज, नगरीय निकाय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की त्रैमासिक समीक्षा बैठक में दी गई।
बैठक में संभागायुक्त ने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की नियमित निगरानी और प्रभावी रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित वित्तीय लक्ष्य के अनुरूप सभी पात्र हितग्राहियों तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाया जाए।
एमजीएम अस्पताल में सुविधाओं के लिए अपनाएं व्यवस्थित एप्रोच
संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज के माध्यम से संचालित अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थित कार्यप्रणाली (Systematic Approach) अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों का विभागवार विश्लेषण कर डॉक्टरों, कर्मचारियों और अन्य व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किए जाएं।
स्कूल, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों में पेयजल का होगा प्रमाणीकरण
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त ने महिला एवं बाल विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध पेयजल व्यवस्थाओं का प्रमाणीकरण कराया जाए।
बैठक में बताया गया कि संभाग में जल जीवन मिशन के तहत 3,913 योजनाएं पूर्ण, 248 योजनाएं प्रगतिरत हैं तथा 3,680 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। वहीं 27 पंचायतों द्वारा योजनाओं का संचालन नहीं किए जाने पर संबंधित जिला पंचायत सीईओ से रिपोर्ट तलब की गई है।
कोई भी पोषण पुनर्वास केंद्र का बेड खाली न रहे
संभागायुक्त ने महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि 57 पोषण पुनर्वास केंद्रों के सभी 720 बेड कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए उपयोग में रहें और कोई भी बेड खाली न छोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल भर्ती कराया जाए। समीक्षा में इंदौर संभाग ने 109.2 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की।
एनीमिया मुक्त भारत अभियान को मिलेगी गति
बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी शासकीय विद्यालयों में बच्चों को निर्धारित दिवस पर पिंक एवं ब्लू आईएफए (Iron Folic Acid) टैबलेट तथा सप्ताह में दो बार आईएफए सिरप का वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों को ब्लू आईएफए तथा गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को रेड आईएफए टैबलेट उपलब्ध कराई जाए।
14 जुलाई से शुरू होगा दस्तक एवं स्टॉप डायरिया अभियान
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि 14 जुलाई से 31 अगस्त तक दस्तक एवं स्टॉप डायरिया अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को दो ओआरएस पैकेट, 14 जिंक टैबलेट तथा 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए सिरप दिया जाएगा। साथ ही गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में संयुक्त आयुक्त (विकास) शिवानी वर्मा, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. शॉजी जोसेफ, संयुक्त संचालक डॉ. पूर्णिमा गडरिया, डॉ. स्मिता तिवारी, पीएचई के संयुक्त संचालक अशोक गोदिया, नगरीय विकास विभाग के अधिकारी एस.के. सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

