प्रत्येक मंगलवार प्रातः 11 से दोपहर 01 बजे तक होगी जनसुनवाई
रतलाम। पुलिस दर्पण
रतलाम। नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों के त्वरित, प्रभावी और संवेदनशील निराकरण तथा प्रशासन एवं नागरिकों के बीच सीधे संवाद को और अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से जिले में विकेन्द्रीकृत जनसुनवाई व्यवस्था लागू की गई है। कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के निर्देशानुसार अब प्रत्येक मंगलवार प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक जिले में कुल 07 विकेन्द्रीकृत जनसुनवाई केन्द्रों पर जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।
जनसुनवाई केन्द्रों में नगर पालिक निगम रतलाम क्षेत्र कार्यालय, रतलाम अनुविभाग कार्यालय, सैलाना अनुविभाग कार्यालय, बाजना विकासखण्ड कार्यालय, जावरा अनुविभाग कार्यालय, पिपलौदा विकासखण्ड कार्यालय तथा आलोट अनुविभाग कार्यालय शामिल हैं।
नगर निगम क्षेत्र में जनसुनवाई का नेतृत्व आयुक्त नगर पालिक निगम रतलाम करेंगे। संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अपने-अपने अनुविभागीय कार्यालयों में जनसुनवाई का नेतृत्व करेंगे। सैलाना एवं जावरा के एसडीएम क्रमशः एक सप्ताह अपने कार्यालय तथा अगले सप्ताह बाजना एवं पिपलौदा जनपद पंचायत कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर जनसुनवाई करेंगे। संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति में निर्धारित अधिकारी जनसुनवाई का संचालन करेंगे।
जनसुनवाई में संबंधित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य, सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, विद्युत सहित अन्य आवश्यक विभागों के सक्षम अधिकारी उपस्थित रहेंगे। आवश्यकता के अनुसार जिला अधिकारियों की ड्यूटी भी विभिन्न केन्द्रों पर लगाई जाएगी।
आवेदन का पंजीयन, पावती और समय-सीमा में निराकरण
प्रत्येक आवेदन का पंजीयन कर आवेदक को पावती दी जाएगी। मौके पर निराकरण योग्य समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा। जिन मामलों में जांच अथवा अभिलेख परीक्षण आवश्यक होगा, उनमें स्पष्ट समय-सीमा और जिम्मेदार अधिकारी निर्धारित किया जाएगा। केवल आवेदन को दूसरे कार्यालय भेज देना निराकरण नहीं माना जाएगा।
तहसील, विकासखण्ड, जनपद पंचायत, नगर निगम अथवा संबंधित विभाग के स्तर पर निराकरण योग्य प्रकरणों को अनावश्यक रूप से जिला मुख्यालय नहीं भेजा जाएगा। केवल जिला स्तर पर निर्णय, अंतरविभागीय समन्वय अथवा विशेष हस्तक्षेप आवश्यक होने पर ही प्रकरण को तथ्यात्मक प्रतिवेदन के साथ जिला कार्यालय भेजा जाएगा।
विकेन्द्रीकृत जनसुनवाई केन्द्रों के स्थान एवं समय की जानकारी ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, लोक सेवा केन्द्रों तथा अन्य माध्यमों से व्यापक रूप से प्रचारित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक नागरिक स्थानीय स्तर पर अपनी समस्याएं एवं शिकायतें प्रस्तुत कर सकें।

