समय-सीमा बैठक में कलेक्टर मिशा सिंह के सख्त निर्देश, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से लेकर टीबी मुक्त भारत और लखपति गौपालक योजना पर दिया जोर
रतलाम / पुलिस दर्पण
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह की अध्यक्षता में समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन सहित विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के साथ शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सभी विभागों को पौधारोपण कर लोकेशन आधारित फोटोग्राफ पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण ने बताया कि जिले के सभी नगरीय निकायों में दो लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग को पोषण वाटिकाओं के रूप में पौधारोपण करने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखरेख सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सभी प्रथम श्रेणी अधिकारियों को निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभाने को कहा। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को बिजली बचत के लिए सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्थाएं विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों एवं समयावधि पत्रों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान, वाटर हार्वेस्टिंग एवं जल संरक्षण गतिविधियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
श्रम विभाग को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अधिकाधिक पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग तथा 15 हजार रुपये तक मासिक आय वाले असंगठित श्रमिक इस योजना के पात्र हैं। इसमें 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 3 हजार रुपये प्रतिमाह की सुनिश्चित पेंशन का प्रावधान है तथा पंजीयन निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर पर कराया जा सकता है।
बैठक में कलेक्टर ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप संचालक डॉ. नवीन शुक्ला को रतलाम जिले की खेमरिया एवं तालीदाना गौशालाओं को मॉडल गौशाला के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
डॉ. नवीन शुक्ला ने बताया कि विभाग द्वारा संचालित लखपति गौपालक दीदी योजना शून्य पूंजीगत निवेश के साथ पशुपालकों की आय बढ़ाने की अभिनव पहल है। योजना के अंतर्गत उच्च नस्ल से गर्भाधान कर बेहतर नस्ल की बछिया एवं पड़िया तैयार की जाएगी, जिससे दुग्ध उत्पादन में लगभग ढाई गुना वृद्धि की संभावना है। वैज्ञानिक पद्धति से पालन करने पर एक पशु से जीवनकाल में 3 से 4 लाख रुपये तक अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है।
यदि परिवार के पास ऐसी तीन से चार बछिया हों तो 10 लाख रुपये से अधिक अतिरिक्त आय संभव है। योजना की अधिक जानकारी के लिए जिला नोडल अधिकारी डॉ. निकिता डावर (मो. 9131680136) से संपर्क किया जा सकता है।
बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।

