भोपाल / पुलिस दर्पण (मध्यप्रदेश)
प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, गति और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए संभाग आयुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित की योजनाओं में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा से बाहर लंबित मामलों पर सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों पर जुर्माना लगाने के आदेश जारी किए गए हैं।
‘धरती आबा’ अभियान पर विशेष फोकस
बैठक में जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत चयनित गांवों में सभी विभागों की योजनाओं का शत-प्रतिशत (100%) क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी संबंधित संभागीय अधिकारियों को तुरंत एक्शन प्लान और रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
हर हफ्ते होगा जमीनी निरीक्षण, बदलेगी कार्य संस्कृति
प्रशासन को कागजों से निकालकर जमीन पर लाने के लिए संभागायुक्त ने नया नियम लागू किया है। अब सभी संभागीय अधिकारियों को हर सप्ताह अनिवार्य रूप से मैदानी दौरा करना होगा। इसके साथ ही, अगले सप्ताह से सभी विभागों को अपनी योजनाओं, प्राथमिकताओं और उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) देना होगा, जिससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर हो सके।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सीएम हेल्पलाइन पर कड़े निर्देश:
शिक्षा: सरकारी स्कूलों में शत-प्रतिशत किताबें बांटने और पहली कक्षा में नामांकन की दैनिक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ‘ड्रॉप आउट’ दर कम हो।
स्वास्थ्य एवं जल: वर्षा ऋतु को देखते हुए पीएचई, नगर निगम और जिला पंचायत को दूषित पानी की नियमित जांच और क्लोरिफिकेशन करने की हिदायत दी गई है।
सीएम हेल्पलाइन: संभागायुक्त ने दो टूक कहा कि शिकायतों के निपटारे में केवल संख्या (आंकड़ों) की बाजीगरी नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण समाधान दिखना चाहिए जिससे आम जनता संतुष्ट हो।
अधिकारियों की लापरवाही पर लगेगा जुर्माना, ‘धरती आबा’ अभियान में 100% लक्ष्य हासिल करने के निर्देश

