मिशन मुस्कान पर रतलाम प्रशासन सख्त: 31 जुलाई तक हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य, 66 हजार से अधिक अपार आईडी लंबित, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश।
3 से 16 वर्ष तक के बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन के लिए विशेष अभियान, अभिभावकों की लापरवाही पर कंट्रोल रूम में शिकायत की व्यवस्था, सूचना देने वाले होंगे सम्मानित।
रतलाम | पुलिस दर्पण
रतलाम जिले में 3 से 16 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ‘मुस्कान अभियान’ का संचालन 31 जुलाई तक किया जा रहा है। अभियान के तहत बच्चों को आंगनवाड़ी एवं विद्यालयों में संस्थागत प्रवेश दिलाने के साथ उनकी शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपते हुए समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
अभियान के तहत 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों का आंगनवाड़ी केंद्रों में तथा 6 से 15 वर्ष तक के बच्चों का शासकीय विद्यालयों में प्रवेश कराया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों की मैपिंग कर एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर प्रविष्टि करेगा। कक्षा-1 में प्रवेश के लिए प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
कंट्रोल रूम पर करें शिकायत, सूचना देने वाले होंगे सम्मानित
यदि कोई अभिभावक 3 से 6 वर्ष के बच्चे का आंगनवाड़ी या विद्यालय में प्रवेश नहीं कराता है तो इसकी शिकायत कंट्रोल रूम नंबर 07412-297544 पर दर्ज कराई जा सकती है। 18 अगस्त 2026 के बाद ऐसे अप्रवेशी बच्चों की सूचना देने वाले व्यक्ति को जिला प्रशासन सम्मानित भी करेगा। शिकायतों के निराकरण के लिए विकासखंड स्तर पर विशेष समिति गठित की गई है।
समीक्षा बैठक में सामने आई बड़ी लापरवाही
जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री सिमरन सूर्यवंशी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। कक्षा-1 में प्रवेश के लिए अभी 1,066 बच्चे नामांकन से वंचित पाए गए, जिनमें बाजना के 636 तथा रतलाम के 309 बच्चे शामिल हैं। वहीं जिले में 66,145 बच्चों की अपार आईडी अभी बनाई जाना शेष है।
इसके अलावा 2,030 स्कूल भवनों में से 738 भवनों की को-लोकेशन प्रविष्टि लंबित पाई गई, जिसे तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सभी स्कूलों में रीडिंग कॉर्नर, जादुई पिटारा, जीरो पीरियड और लाइब्रेरी के नियमित उपयोग को अनिवार्य बनाने तथा 94 प्रतिशत ई-अटेंडेंस को शत-प्रतिशत करने के निर्देश भी दिए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग को 3 से 6 वर्ष के सभी बच्चों का पोषण ट्रैकर पर शत-प्रतिशत पंजीयन, विद्यारंभ सूची साझा करने, पलायन करने वाले परिवारों का रिकॉर्ड रखने तथा आंगनवाड़ी और स्कूलों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिशन मुस्कान केवल नामांकन अभियान नहीं, बल्कि जिले के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा के अधिकार से जोड़ने का व्यापक प्रयास है, जिसकी लगातार मॉनिटरिंग जिला एवं विकासखंड स्तर पर की जाएगी।

