अहिल्या नगरी की विरासत और महेश्वरी साड़ियों के हुनर को सराहा।
सपत्नीक महेश्वर भ्रमण के दौरान बाणेश्वर मंदिर में की पूजा-अर्चना, अहिल्या किला और रेवा सोसाइटी का किया अवलोकन।
खरगोन / पुलिस दर्पण
भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने रविवार को सपत्नीक ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी महेश्वर का भ्रमण किया। महेश्वर पहुंचने पर कलेक्टर सुश्री भव्या मित्तल सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। भ्रमण के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने मां नर्मदा के दर्शन कर मध्य प्रवाह में स्थित बाणेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश व देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
इसके बाद उन्होंने देवी अहिल्याबाई किला, अहिल्याबाई गादी संग्रहालय तथा नर्मदा तट का अवलोकन कर महेश्वर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखा। उन्होंने महेश्वर स्थित रेवा सोसाइटी का भी दौरा किया, जहां विश्वविख्यात महेश्वरी साड़ियों के निर्माण की पारंपरिक प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस दौरान बुनकरों की बारीक हस्तकला, उत्कृष्ट कारीगरी और वर्षों पुरानी बुनाई परंपरा की उन्होंने मुक्तकंठ से सराहना की।
भ्रमण के उपरांत मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि महेश्वर में मां नर्मदा और भगवान बाणेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करना तथा लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धासुमन अर्पित करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि महेश्वर की ऐतिहासिक धरोहरें, अहिल्या किले की अद्भुत नक्काशी और महेश्वरी साड़ियों के निर्माण में बुनकरों का कौशल भारतीय संस्कृति और हस्तशिल्प की अमूल्य धरोहर है, जिस पर पूरे देश को गर्व है।
इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री आरपीएस जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सुरभि तिवारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती हेमलता सोलंकी, एसडीएम पूर्वा मंडलोई सहित जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। महेश्वर पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने मां नर्मदा का आशीर्वाद लिया, अहिल्या नगरी की ऐतिहासिक विरासत और महेश्वरी साड़ियों की विश्वविख्यात बुनाई कला की सराहना की।

