मऊगंज बना ‘जहर की फैक्ट्री’ का अड्डा

रीवा जोन पुलिस का बड़ा प्रहार, 78 लाख की एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, मुंबई तक फैले नेटवर्क की जांच तेज।

रीवा / पुलिस दर्पण

रीवा । मऊगंज जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ रीवा जोन पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए एमडी (MD) ड्रग्स निर्माण की एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई ने न केवल पूरे विंध्य क्षेत्र को झकझोर दिया है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि नशे का कारोबार गांवों तक अपनी गहरी पैठ बना चुका था।
कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक, रीवा जोन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत 05 जुलाई 2026 को मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापामार कार्रवाई की। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के निर्देशन तथा रीवा जोन आईजी गौरव राजपूत के मार्गदर्शन में मऊगंज पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन के नेतृत्व में गठित विशेष टीम द्वारा की गई।
आधिकारिक जानकारी में क्या मिला
पुलिस के अनुसार, मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान लगभग 360 ग्राम एमडी ड्रग्स, जिसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये बताई गई है, बरामद की गई। इसके अलावा एमडी ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त संदिग्ध केमिकल, एसिड, उपकरण, मशीनरी तथा लगभग 15 लाख रुपये मूल्य का चार पहिया बोलेरो वाहन जब्त किया गया। जब्त सामग्री और वाहन सहित कुल बरामदगी का अनुमानित मूल्य करीब 78 लाख रुपये आंका गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए पूरे सप्लाई नेटवर्क, कारोबार से जुड़े अन्य आरोपियों तथा वित्तीय स्रोतों की गहन जांच की जा रही है।
मुंबई तक फैले नेटवर्क की आशंका
प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इस अवैध फैक्ट्री में तैयार होने वाली एमडी ड्रग्स को रीवा के रास्ते मुंबई सहित अन्य महानगरों तक पहुंचाने की आशंका है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह को आर्थिक मदद कौन दे रहा था, नशीले केमिकल कहां से मंगाए जाते थे और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
यदि जांच में यह नेटवर्क और व्यापक रूप में सामने आता है, तो यह प्रदेश में संचालित नशे के संगठित गिरोहों के खिलाफ एक बड़ी सफलता साबित होगी।
गांव में चल रही थी ‘जहर की फैक्ट्री’
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्र में कथित रूप से इतनी बड़ी ड्रग्स निर्माण इकाई संचालित हो रही थी। इससे कई गंभीर सवाल भी खड़े होते हैं कि यह अवैध गतिविधि कब से चल रही थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है। हालांकि इन सभी पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस की कार्रवाई सराहनीय
रीवा जोन पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जिस तरह त्वरित सूचना पर विशेष टीम गठित कर योजनाबद्ध ढंग से छापेमारी की गई और बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स, निर्माण सामग्री तथा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, वह पुलिस की सतर्कता और प्रभावी कार्यशैली का प्रमाण है। विंध्य क्षेत्र में नशे के कारोबार पर यह प्रहार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि पुलिस पूरे नेटवर्क का खुलासा कर इस अवैध कारोबार से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाएगी।

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