7 दिन तक ₹1.50 लाख तक का निशुल्क उपचार
निजी अस्पताल प्रबंधकों की बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर, सभी अस्पतालों से इंपैनलमेंट कराने की अपील
रतलाम | पुलिस दर्पण
रतलाम । दुर्घटना पीड़ितों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर न्यू कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में निजी अस्पताल प्रबंधकों की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक में अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र कुमार रावत एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. किरण वाडिवा उपस्थित रहे।
बैठक में डीआईओ (एनआईसी) श्री श्रेय भावसार एवं डीएएम (एनआईसी) श्री रोहित भट्ट ने योजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना सहित अन्य पात्र दुर्घटना मामलों में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती होने पर 7 दिनों तक अधिकतम ₹1.50 लाख तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि रतलाम जिले में अब तक योजना के तहत 22 प्रकरणों में ₹4,13,465 की राशि स्वीकृत कर संबंधित अस्पतालों के खातों में जारी की जा चुकी है।
योजना के तहत जिले के मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल सहित कई शासकीय अस्पताल पहले से इंपैनल हैं। वहीं निजी क्षेत्र में आरोग्यम हॉस्पिटल, आशीर्वाद नर्सिंग होम, आयुष्मान सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, श्रद्धा हॉस्पिटल, के.के. शाह हॉस्पिटल, शंकुश हॉस्पिटल, जी.डी. हॉस्पिटल, जैन दिवाकर श्री अरविंदो हॉस्पिटल, राघव न्यूरो ट्रॉमा सेंटर तथा सरदार पटेल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (जावरा) को योजना से जोड़ा जा चुका है।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री बृजेंद्र कुमार रावत ने जिले के सभी निजी अस्पताल संचालकों से शीघ्र इंपैनलमेंट कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र दुर्घटना पीड़ित को योजना का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों ने ऑनलाइन प्री-अप्रूवल, दावा प्रक्रिया एवं भुगतान प्रणाली की भी विस्तृत जानकारी देते हुए सभी अस्पतालों को हर पात्र प्रकरण में सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में योजना के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश मंडलोई, श्री आनंदीलाल जैन, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा जिले के विभिन्न निजी अस्पतालों के प्रबंधक उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु:
दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती होना अनिवार्य।
7 दिनों तक अधिकतम ₹1.50 लाख का निःशुल्क उपचार।
रतलाम जिले में अब तक 22 मरीजों को योजना का लाभ।
सभी निजी अस्पतालों को योजना से जुड़ने और पात्र मरीजों को लाभ दिलाने के निर्देश।

