10-10 हजार के इनामी दो शातिर आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद; फरार आरोपियों की तलाश जारी
रतलाम (मध्यप्रदेश) / पुलिस दर्पण।
रतलाम । बहुचर्चित सराफा कारोबारी फायरिंग कांड में पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए पूरे मामले के मुख्य साजिशकर्ता विनोद उर्फ वीनू शर्मा और उसके साथी अजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों पर पुलिस प्रशासन ने 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल सनसनीखेज फायरिंग कांड का पर्दाफाश किया है, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्यशैली का भी परिचय दिया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह वारदात किसी व्यक्तिगत रंजिश का परिणाम नहीं, बल्कि 1 करोड़ रुपये की कथित वसूली के लिए 40 लाख रुपये की सुपारी देकर कराई गई थी। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दीं, जिससे पूरे षड्यंत्र की परतें खुलती चली गईं।
यह मामला 19 जून का है, जब डीडी नगर थाना क्षेत्र के सैफी नगर स्थित सराफा व्यापारी कमल जैन के घर पर दो बाइकों से पहुंचे चार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। एक गोली घर की खिड़की का कांच तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। घटना के समय व्यापारी की पत्नी बेहद नजदीक मौजूद थीं, लेकिन सौभाग्य से वे सुरक्षित बच गईं और एक बड़ा हादसा टल गया।
जांच में पुलिस को पता चला कि सराफा व्यापारी के परिवार और कारोबारी आदित्य सोमानी के बीच शेयर मार्केट एवं एमसीएक्स लेनदेन को लेकर आर्थिक विवाद चल रहा था। घटना से एक दिन पहले ही व्यापारी द्वारा 1 करोड़ रुपये की कथित अवैध वसूली और धमकी की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके अगले ही दिन फायरिंग की वारदात सामने आई।
पुलिस ने सटीक मुखबिर सूचना और रणनीतिक घेराबंदी के आधार पर सागोद और मोरवनी के बीच निर्माणाधीन पुल के पास दोनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। इस दौरान एक आरोपी के पैर और दूसरे के हाथ में चोट आई। पुलिस ने विनोद उर्फ वीनू शर्मा के कब्जे से एक अवैध देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
इस मामले में पुलिस अब तक एक दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, फरार आरोपी वसीम पांडु और अदनान की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
रतलाम पुलिस की सराहनीय कार्रवाई
इस सनसनीखेज प्रकरण में रतलाम पुलिस ने सूझबूझ, तकनीकी जांच, मुखबिर तंत्र और लगातार की गई कार्रवाई के दम पर मुख्य साजिशकर्ताओं तक पहुंचकर अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। पुलिस की इस सफलता से आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हुआ है और संगठित अपराधियों के बीच स्पष्ट संदेश गया है कि कानून से बच पाना संभव नहीं।

