जमानत पर फैसला अब 21 जुलाई को, मेघालय सरकार ने किया कड़ा विरोध
इंदौर | पुलिस दर्पण
इंदौर । बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। मेघालय सरकार ने सोनम को मिली जमानत का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने मेघालय सरकार से गिरफ्तारी के आधार (Grounds of Arrest) से संबंधित दस्तावेजों की प्रति प्रस्तुत करने को कहा। अदालत अब अगली सुनवाई में इस बात की विस्तार से जांच करेगी कि गिरफ्तारी के समय कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं।
क्या है पूरा मामला?
ट्रायल कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को इस आधार पर जमानत दी थी कि गिरफ्तारी के समय उन्हें कानून के अनुसार गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध नहीं कराए गए थे। हालांकि, मेघालय सरकार का कहना है कि गिरफ्तारी के आधार बताए गए थे और दस्तावेजों में केवल तकनीकी त्रुटि हुई थी। सरकार के अनुसार, गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के स्थान पर गलती से धारा 403(1) अंकित हो गई थी। सरकार का तर्क है कि यह मात्र टाइपिंग त्रुटि है, जिसे जमानत का आधार नहीं बनाया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यह जानना चाहा कि यदि गिरफ्तारी के आधार पहले ही बता दिए गए थे, तो इस मुद्दे को शुरुआती जमानत याचिकाओं में क्यों नहीं उठाया गया। अदालत ने संकेत दिया कि पूरे रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई है। हालांकि, मेघालय सरकार को अपना विस्तृत जवाब और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया है।
21 जुलाई पर टिकी निगाहें
अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। कानूनी विशेषज्ञों की नजर इस बात पर है कि सुप्रीम कोर्ट गिरफ्तारी प्रक्रिया और तकनीकी त्रुटि के मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है। मामले के फैसले का असर भविष्य में गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया और जमानत संबंधी मामलों पर भी पड़ सकता है।

