दस्तक अभियान की प्रगति की समीक्षा, पोषण ट्रैकर ऐप पर समय पर प्रविष्टि और डिस्चार्ज के बाद भी बच्चों की सतत मॉनिटरिंग पर जोर
रतलाम | पुलिस दर्पण
रतलाम । जिले में 14 जुलाई से 31 अगस्त तक संचालित दस्तक अभियान के तहत कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने बाल चिकित्सालय स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) का निरीक्षण कर कुपोषण के खिलाफ चल रहे प्रयासों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में भर्ती कुपोषित बच्चों से मुलाकात कर उनका स्वास्थ्य जाना तथा अधिकारियों को बच्चों की बेहतर देखभाल और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं को मैदानी क्षेत्रों में सक्रिय भ्रमण कर कुपोषित बच्चों की पहचान करने तथा उन्हें समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पोषण पुनर्वास केंद्र से डिस्चार्ज होने के बाद भी बच्चों का नियमित फॉलोअप किया जाए, ताकि वे दोबारा कुपोषण की स्थिति में न पहुंचें।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों का आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीयन सुनिश्चित करने, टीकाकरण की स्थिति की नियमित समीक्षा करने तथा टीकाकरण कार्ड का संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने ग्लोबल व्हील फाउंडेशन से प्रशिक्षित आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं एएनएम को माताओं को संतुलित पोषण और बच्चों के उचित आहार संबंधी परामर्श देने पर विशेष जोर दिया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय के साथ पोषण ट्रैकर ऐप पर सभी आवश्यक प्रविष्टियां समय पर दर्ज करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. ए.पी. सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग सुभाष जैन, बाल चिकित्सालय प्रभारी डॉ. आर.सी. डामोर, सहायक अस्पताल प्रबंधक डॉ. शिवम श्रीवास्तव, परियोजना अधिकारी श्रीमती चेतना गहलोत, सुपरवाइजर श्रीमती हेमलता, जिला मीडिया अधिकारी श्रीमती सरला वर्मा, आशीष चौरसिया सहित स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि कुपोषण मुक्त रतलाम का लक्ष्य तभी संभव है, जब स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मैदानी अमला समन्वित रूप से कार्य करते हुए प्रत्येक बच्चे तक समय पर पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाए।

