3.12 लाख में खरीदी दुल्हन निकली ठग! एक महीने बाद नींद की गोली पिलाकर नकदी-जेवर लेकर फरार

फर्जी आधार, दलालों का जाल और ‘शादी’ के नाम पर बड़ा खेल, एसपी के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुआ केस

रतलाम | पुलिस दर्पण

रतलाम । जिले के बड़ी सरवन से शादी के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने दलालों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की युवती से शादी करने के लिए 3.12 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन शादी के महज एक महीने बाद दुल्हन कथित रूप से युवक को नींद की गोली पिलाकर घर से नकदी और चांदी के जेवर लेकर फरार हो गई। बाद में जांच में युवती द्वारा दिया गया आधार कार्ड भी कथित रूप से फर्जी निकला।

व्हाट्सएप से शुरू हुआ रिश्ता, लाखों में हुई शादी

पीड़ित प्रीतेश रेगा (32) निवासी बड़ी सरवन ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान जावरा के नांदवेल निवासी नंदू उर्फ नंदलाल से हुई थी। नंदू ने खुद को एक मैरिज ब्यूरो से जुड़ा बताया और पश्चिम बंगाल निवासी विकास बोरी के साथ मिलकर व्हाट्सएप पर कई युवतियों की तस्वीरें भेजीं।

इसके बाद प्रीतेश अपने जीजा के साथ उत्तर प्रदेश के चंदौली पहुंचा, जहां उसे चार युवतियां दिखाई गईं। इनमें से उसने सुमन नाम की युवती को पसंद किया। शादी के लिए उससे 3 लाख रुपये की मांग की गई और भरोसा दिलाया गया कि लड़की हमेशा उसके साथ रहेगी।

ऑनलाइन ट्रांसफर किए लाखों रुपये

पीड़ित के अनुसार उसने अलग-अलग किश्तों में 90 हजार रुपये, 1.85 लाख रुपये और 37 हजार रुपये आरोपियों के बताए बैंक खातों में ट्रांसफर किए। कुल 3 लाख 12 हजार रुपये देने के बाद 4 मई 2025 को गांव में शादी हुई।

एक महीने बाद रातों-रात गायब हुई दुल्हन

शादी के बाद युवती लगभग एक महीने तक उसके साथ रही। फिर 6 जून 2025 की रात कथित रूप से उसने पानी में नींद की गोली मिलाकर पति को पिला दी। जब युवक की नींद खुली तो पत्नी गायब थी। बाहर एक बोलेरो वाहन जाता दिखाई दिया। पीड़ित का आरोप है कि महिला 30 हजार रुपये नकद और चांदी की पायजेब भी अपने साथ ले गई।

फर्जी निकला आधार कार्ड

घटना के बाद जब पीड़ित ने युवती के आधार कार्ड की जांच कराई तो उसके अनुसार दस्तावेज फर्जी निकला और उस पर आशिया खान नाम सामने आया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि शादी से पहले उसे युवती के घर नहीं ले जाया गया, बल्कि होटल में ही पूरी बातचीत कर शादी करवा दी गई।

एसपी के दखल के बाद दर्ज हुआ मामला

पीड़ित का आरोप है कि सरवन थाने में पहले केवल गुमशुदगी दर्ज की गई। बाद में वह पुलिस अधीक्षक अमित कुमार से मिला। एसपी के निर्देश पर स्टेशन रोड थाने में शून्य पर एफआईआर दर्ज की गई, जिसे बाद में सरवन थाने स्थानांतरित कर दिया गया।

पुलिस ने नंदू उर्फ नंदलाल, सुमन और विकास बोरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है।

यूपी जाएगी पुलिस टीम

सरवन थाना पुलिस के अनुसार आरोपियों की तलाश जारी है। जिन बैंक खातों में राशि जमा कराई गई, उनकी भी जांच की जा रही है। मामले की तफ्तीश के लिए पुलिस टीम उत्तर प्रदेश भेजी जा रही है।

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