संवाददाता बैतूल देवी नाथ लोखंडे
बैतूल, 21 जुलाई। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन के निर्देशानुसार मंगलवार को पुलिस विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम भारती महिला मंडल द्वारा संचालित बालिका गृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य बालिकाओं की सुरक्षा, संरक्षण, पुनर्वास एवं उपलब्ध सुविधाओं का मूल्यांकन करना था।
निरीक्षण दल में डीएसपी सुश्री शैफा हाशमी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री ब्रजेश वर्मा तथा बाल संरक्षण अधिकारी श्री विनोद इब्ने शामिल रहे। टीम ने भवन की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, भोजन, आवास एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बालिका गृह का भवन सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित है। परिसर में स्वच्छता की उचित व्यवस्था है तथा बालिकाओं के रहने, भोजन और दैनिक उपयोग की सुविधाएं संतोषजनक हैं। हालांकि सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था अपेक्षित स्तर की नहीं मिलने पर संस्था प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
वर्तमान में बालिका गृह में 10 बालिकाएं निवासरत हैं, जिन्हें पॉक्सो अधिनियम के मामलों, बाल विवाह, भिक्षावृत्ति एवं अन्य संवेदनशील परिस्थितियों से संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। यहां 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को सुरक्षित आवास, शिक्षा, परामर्श एवं पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
संयुक्त टीम ने यह भी पाया कि सभी बालिकाओं की नियमित शिक्षा सुनिश्चित की जा रही है। उनके लिए पौष्टिक नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन की समुचित व्यवस्था है तथा भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
संस्था की प्रमुख श्रीमती भारती अग्रवाल ने बताया कि बालिका गृह का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। संस्था में छह सदस्यीय स्टाफ कार्यरत है, जिसमें एक प्रशिक्षित काउंसलर भी शामिल हैं। साथ ही समय-समय पर मनोचिकित्सक द्वारा काउंसलिंग कराई जाती है, जिससे बालिकाएं मानसिक आघात से उबरकर सामान्य जीवन की ओर बढ़ सकें।
निरीक्षण दल ने संस्था प्रबंधन को बालिकाओं की सुरक्षा, गोपनीयता एवं पुनर्वास से संबंधित सभी मानकों का निरंतर पालन करने तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए।
जनअपील:
जिला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी बालिका के साथ शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, मानव तस्करी अथवा किसी भी प्रकार के अपराध की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग या डायल-112 पर सूचना दें। समय पर दी गई सूचना किसी बालिका का जीवन सुरक्षित बनाने और उसके भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

