7 सूत्रीय मांगों को लेकर बस संचालकों का ऐलान, मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदेशभर में बसों का चक्का जाम
सागर / मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के सामने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने 7 अगस्त 2026 से पूरे प्रदेश में बसों का संचालन बंद कर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशभर में बसों के पहिए थम जाएंगे।
एसोसिएशन द्वारा सरकार के सामने 7 सूत्रीय मांगपत्र रखा गया है। इसमें वर्ष 2021 से डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी के अनुपात में बस किराया बढ़ाने, राष्ट्रीयकरण की योजना पर रोक लगाने और टेंडर के माध्यम से रॉयल्टी वसूली की प्रक्रिया रोकने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
बस संचालकों ने परिवहन विभाग द्वारा पूर्व में परमिट प्राप्त वाहनों को वैध मानने, मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप छूट देने तथा परिवहन कार्यालयों में अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग भी की है।
इसके अलावा 15 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी बसों के परमिट को फिटनेस वैध रहने तक जारी रखने की मांग की गई है। एसोसिएशन का कहना है कि लगातार बढ़ती लागत और विभागीय प्रक्रियाओं के कारण बस संचालकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 सूत्रीय मांगों पर सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 7 अगस्त से पूरे मध्यप्रदेश में बसों का चक्का जाम कर दिया जाएगा।

