समय-सीमा समीक्षा बैठक में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा सख्त, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण और जवाबदेही पर दिया जोर

नीमच | पुलिस दर्पण

नीमच । कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा (टीएल) समीक्षा बैठक में शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों, सीएम हेल्पलाइन, राजस्व प्रकरणों एवं विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में सीएम हेल्पलाइन की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों का समाधान केवल पोर्टल बंद करने तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने 50 दिन से अधिक लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कर विभागीय रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक एवं सभी शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों को निर्देश दिए गए कि विद्यालयों और महाविद्यालयों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की नशीली वस्तुओं की बिक्री नहीं होनी चाहिए। ऐसे मामलों की नियमित निगरानी कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर ने विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को झूलते विद्युत तारों से संबंधित शिकायतों का तत्काल निराकरण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

महिला एवं बाल विकास विभाग में डीबीटी एवं हितग्राही सत्यापन कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के महाप्रबंधक एवं जिला विपणन अधिकारी के बिना पूर्व सूचना बैठक से अनुपस्थित रहने पर भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

नगर क्षेत्र की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य नगरपालिका अधिकारी को अतिक्रमण हटाने के नियमित अभियान, सार्वजनिक मार्गों को बाधामुक्त रखने तथा नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

राजस्व प्रकरणों की समीक्षा में कलेक्टर ने सभी एसडीएम को रास्ता विवाद, अतिक्रमण हटाने एवं अन्य निराकृत मामलों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी निरीक्षण से प्रशासनिक निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा और आमजन का विश्वास मजबूत होगा।

बैठक में 7 अगस्त से प्रारंभ होने वाले मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर कलेक्टर बी.एस. कलेश, एसडीएम पराग जैन, एसडीएम संजीव साहू, एसडीएम किरण आंजना, डिप्टी कलेक्टर चंद्रसिंह धार्वे, मयूरी जोक, श्रुति भयड़िया सहित जिले के सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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