राष्ट्रभक्ति, नव-चेतना और पर्यावरण: गाजीपुर के विद्यालय में गूंजा स्वतंत्रता का संदेश

“स्वतंत्रता केवल अधिकारों का नाम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण, चेतना और आने वाली पीढ़ियों में संस्कारों का दीप प्रज्ज्वलित करने का महान संकल्प है।”

राष्ट्र की अमूल्य धरोहर: युवा चेतना और पर्यावरण के आंचल में महकता स्वतंत्रता पर्व

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के समीप बलरामपुर के गाजीपुर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस ऐतिहासिक हर्षोल्लास, अटूट देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम के जीवंत परिवेश में मनाया गया। यह पावन अनुष्ठान विद्यालय प्रशासन तथा प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था ‘इंसानियत व पर्यावरण संरक्षण फाउंडेशन (IPSF)’ के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित किया गया, जिसने पूरे अंचल को राष्ट्रीय चेतना के रंग में रंग दिया।

कार्यक्रम का मूल उद्देश्य: भावी पीढ़ी में राष्ट्रधर्म का बीजारोपण

इस गरिमामयी आयोजन का मुख्य ध्येय विद्यार्थियों के अंतःकरण में देशप्रेम, निस्वार्थ समर्पण और नागरिक कर्तव्यों की भावना को प्रदीप्त करना था। इसके साथ ही, स्वतंत्रता सेनानियों के अमर बलिदानों से युवा पीढ़ी को परिचित कराते हुए संविधान प्रदत्त लोकतांत्रिक मूल्यों—”स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और धर्मनिरपेक्षता”—के महत्व को आत्मसात कराना था। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश प्रमुखता से गूंजा कि स्वतंत्रता पाना जितना गौरवशाली था, इस पावन धरा को समृद्ध, स्वच्छ और सुरक्षित रखना उससे भी बड़ा राष्ट्रीय कर्तव्य है।

प्रभात फेरी और गगनभेदी राष्ट्रगान

प्रातःकाल विद्यार्थियों द्वारा समीपवर्ती क्षेत्रों में एक भव्य और अनुशासित प्रभात फेरी निकाली गई। नन्हें-मुन्नों के कंठ से निकले देशभक्ति के गीतों और गगनभेदी नारों से संपूर्ण वातावरण गूंज उठा।

  • सहयोग एवं सम्मान: IPSF की ओर से विद्यार्थियों को तिरंगे झंडे, बैज, कैप और उत्साहवर्धक पठन सामग्री भेंट की गई।
  • ध्वजारोहण: संस्था के संरक्षक प्रोफेसर डॉ. नफासत अली अंसारी द्वारा करकमलों से भव्य ध्वजारोहण किया गया। इस गौरवशाली क्षण में उपस्थित जनसमूह ने एकस्वर में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत का गायन किया, जिससे संपूर्ण प्रांगण देशभक्ति की पवित्र ऊर्जा से सराबोर हो गया।

ज्ञान और मेधा का उत्सव: निबंध व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता

स्वतंत्रता पर्व के पावन पूर्वार्ध में (1४ अगस्त 2026 को) IPSF द्वारा कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों के लिए विशेष निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं, जिनमें कुल 120 बच्चों ने उत्साहपूर्वक अपनी मेधा का प्रदर्शन किया:

  • कक्षा 6 (विषय – सरदार वल्लभभाई पटेल): प्रथम – लक्ष्मी मौर्य, द्वितीय – कल्पना, तृतीय – आकांक्षा।
  • कक्षा 7 (विषय – डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम): प्रथम – मालवीय यादव, द्वितीय – रागिनी गौतम, तृतीय – रागिनी वर्मा।
  • कक्षा 8 (विषय – सुभाष चंद्र बोस): प्रथम – स्नेहलता मिश्रा, द्वितीय – नागेश राजपूत, तृतीय – खुशी प्रजापति।

इसके अतिरिक्त, स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास पर आधारित मौखिक प्रश्नोत्तरी (Quiz) में सही उत्तर देने वाले 5 मेधावी विद्यार्थियों को मंच पर मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के सभी 120 प्रतिभागियों को लेखन सामग्री प्रदान कर उनकी हौसला अफजाई की गई।

वसुधैव कुटुंबकम और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान IPSF के अध्यक्ष श्री मो° युसूफ ने संस्था के लोक-कल्याणकारी कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को आज की सबसे बड़ी राष्ट्रसेवा बताते हुए प्रत्येक विद्यार्थी और शिक्षक को कम से कम “एक पौधा लगाने और उसका संरक्षण करने” का संकल्प दिलाया।

समारोह के अंत में विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री एस.के. पाल जी ने सभी अतिथियों, IPSF के सदस्यों और सहयोगियों के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की। इस सफल आयोजन में प्रो. डॉ. नफासत अली अंसारी, मो° युसूफ, मो° हाशिम, जय प्रकाश यादव, वीरेंद्र प्रताप सिंह, जावेद आलम, अब्दुल हलीम, नितेश कुमार, मो° इलियास, मोहम्मद सलमान, राज किरण और आकाश प्रजापति सहित संस्था के समस्त कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। अंत में बच्चों को मिष्ठान्न वितरित कर इस राष्ट्रीय उत्सव की मिठास को और गहरा किया गया।

“राष्ट्रभक्ति केवल शब्दों का आलंकारिक उद्गार नहीं, बल्कि धरा के संरक्षण, शिक्षा के प्रसार और हर बच्चे की मुस्कान में देश का भविष्य संवारने की अनवरत साधना है।”

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