निर्मला पहाडे ब्यूरो प्रमुख छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा। जघन्य सनसनीखेज के रूप में चिन्हित पिता की हत्या के मामले में माननीय न्यायालय जुन्नारदेव ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। आरोपी पुत्र को आजीवन सश्रम कारावास एवं 5,000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। यह दमुआ पुलिस की उत्कृष्ट विवेचना और प्रभावी पैरवी का नतीजा है।
क्या था मामला –
दिनांक 08.06.2025 को सुबह करीब 7 बजे प्रार्थी राधेलाल राकेसिया ने थाने में सूचना दी कि उसका लड़का गोपाल जब अपने दादा के निर्माणाधीन मकान पर गया तो दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से देखने पर उसके पिताजी रूपचंद राकेसिया खटिया पर खून से लथपथ पड़े थे। गर्दन के पास से खून निकल रहा था।
सूचना पर तत्कालीन थाना प्रभारी दमुआ उनि राजेश साहू अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। FSL टीम को बुलाकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। पीएम रिपोर्ट और मौका-ए-साक्ष्य से मामला हत्या का पाए जाने पर थाना दमुआ में अपराध क्रमांक 144/25 धारा 103(1) BNS के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक छिंदवाड़ा ने प्रकरण को जघन्य सनसनीखेज श्रेणी में चिन्हित किया।
पैसे के लिए पिता को मार डाला –
विवेचना में खुलासा हुआ कि मृतक की दो पत्नियां थीं। आरोपी राजेश राकेसिया दूसरी पत्नी का पुत्र था और पिता के साथ ही रहता था। मृतक ने अपनी कृषि भूमि 10 लाख रुपये में बेची थी और पैसा बैंक में जमा किया था। आरोपी कोई काम-धंधा नहीं करता था और पिता से लगातार पैसे मांगता था। पैसे नहीं देने पर मारपीट करता था। घटना के एक दिन पहले भी मृतक ने बेटे के खिलाफ थाने में शिकायत की थी।
पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी राजेश पिता रूपचंद राकेसिया, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम चुरनी चौगान, थाना दमुआ को घटना के 2 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी जप्त की गई। बाद में निरीक्षक प्रमोद सिरसाम ने चालान तैयार कर न्यायालय में पेश किया।
होस्टाइल गवाहों के बाद भी सजा –
विचारण के दौरान आरोपी के कई करीबी रिश्तेदार पक्षद्रोही (Hostile) हो गए, लेकिन तत्कालीन विवेचक राजेश साहू द्वारा की गई उत्कृष्ट एवं वैज्ञानिक विवेचना, घटनास्थल से संकलित साक्ष्य, FSL रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने आरोपी के विरुद्ध अपराध सिद्ध कर दिया।
माननीय अपर सत्र न्यायालय जुन्नारदेव ने सत्र प्रकरण क्रमांक 31/2025 में आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई।
सराहनीय भूमिका –
प्रकरण के विवेचक उपनिरीक्षक राजेश साहू (तत्कालीन थाना प्रभारी दमुआ), निरीक्षक प्रमोद सिरसाम, वैज्ञानिक अधिकारी श्रीमती अजीता जौहरी, विशेष लोक अभियोजक ADPO श्रीमती गंगावती डेहरिया, AGP पंकज श्रीवास्तव और बाबूलाल ककोडिया की अहम भूमिका रही।
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