रतलाम। पुलिस दर्पण
रतलाम। पुलिस दर्पण। बांगरोद पुलिस चौकी ने खेत पर बने मकान में ताला तोड़कर की गई सोयाबीन चोरी की वारदात का महज तीन दिन में खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 7 बोरी सोयाबीन बरामद करने के साथ ही वारदात में प्रयुक्त टेम्पो भी जब्त किया है। मामले में दो आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।पुलिस के अनुसार, 26-27 अगस्त 2026 की दरमियानी रात बांगरोद निवासी भरत पिता रामलाल धाकड़ के खेत पर बने मकान का ताला तोड़कर अज्ञात बदमाश अंदर रखी 7 बोरी सोयाबीन चोरी कर ले गए थे। फरियादी ने 2 सितंबर को थाना नामली में शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 380/2026 के तहत धारा 331(4), 305 बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
CCTV फुटेज से मिला सुराग
वारदात को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उप निरीक्षक वीडी जोशी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के विश्लेषण के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ये आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने सुखराम पिता दोलजी झोड़िया (35), निवासी ग्राम झोली बिंटी, बाजना तथा सतीश पिता शान्तु भाभर (19), निवासी चपलीखेड़ा, बाजना को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ के बाद आरोपियों के कब्जे से चोरी गई 7 बोरी सोयाबीन तथा घटना में इस्तेमाल किया गया टेम्पो क्रमांक MP-43-K-3228 बरामद किया गया।
दो आरोपी फरार, तलाश जारी
पुलिस के अनुसार मामले में बालू निनामा और जीवन निनामा निवासी घोड़ाखेड़ा अभी फरार हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
15 दिनों में तीन वारदातों का खुलासा
बांगरोद चौकी पुलिस की पिछले 15 दिनों की कार्रवाई भी चर्चा में है। पुलिस के अनुसार इस अवधि में चौकी टीम ने 2 नकबजनी और 1 केबल चोरी के मामलों का खुलासा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की है।
इनकी रही अहम भूमिका
कार्रवाई में उप निरीक्षक वीडी जोशी, प्रधान आरक्षक जितेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक मुकेश गणावा, आरक्षक मनीष पाटीदार एवं सैनिक शिवेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के माध्यम से आरोपियों की पहचान कर चोरी गए मशरूके की बरामदगी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

