फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से एफडी तुड़वाने और खातों के मोबाइल नंबर बदलने का आरोप, तीन आरोपियों पर कार्रवाई; 22.33 लाख की संपत्ति जब्त
देवीनाथ लोखंडे सह संपादक दक्षिण मध्यप्रदेश बैतूल
बैतूल। बैंक में जमा रकम सुरक्षित होने का भरोसा रखने वाले खाताधारकों के साथ कथित धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। बोरदेही थाना क्षेत्र की बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरखा शाखा में करीब 1.14 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में बैंक के सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे सहित तीन आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इनमें एक विधि विरुद्ध बालक भी शामिल है। पुलिस ने छह मोबाइल फोन, सोना-चांदी और एक कार सहित करीब 22.33 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में खाताधारकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर बदलने, कथित तौर पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराकर सावधि जमा (एफडी) तुड़वाने और खातों से राशि दूसरे खातों में हस्तांतरित करने की बात सामने आई है। जनवरी 2026 से चल रही कथित गड़बड़ियों के दौरान करीब दस बार मोबाइल नंबर बदले जाने की जानकारी भी सामने आई है।
बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर रकम निकालने का आरोप
पुलिस के अनुसार, मामले में बैंकिंग प्रक्रिया और नेट बैंकिंग का कथित दुरुपयोग किया गया। आरोप है कि सहायक प्रबंधक की आईडी का इस्तेमाल कर खाताधारकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर बदले गए। इसके बाद खातों और एफडी से संबंधित लेनदेन किए गए। कुछ मामलों में खाताधारकों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर एफडी तुड़वाने का भी आरोप है।
जांच में यह भी सामने आया कि कथित रूप से निकाली गई रकम रिश्तेदारों और अन्य खातों में स्थानांतरित की जाती थी। इसी राशि से कार सहित अन्य संपत्तियां खरीदे जाने की आशंका है। हालांकि, जब्त संपत्ति के वास्तविक स्रोत और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच अभी जारी है।
छह शिकायतें, करोड़ों की गड़बड़ी की जांच
बोरदेही पुलिस ने मोरखा शाखा से जुड़े खाताधारकों की शिकायतों पर छह अलग-अलग अपराध दर्ज किए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन प्रकरणों में खातों से अनधिकृत लेनदेन और राशि निकाले जाने के आरोप लगाए गए हैं।
दर्ज मामलों में ज्योति रघुवंशी के खाते से 4,86,175 रुपये, फूलवंती के खाते से संबंधित 2,74,000 रुपये, इंद्रेश रघुवंशी के खाते से संबंधित 1,85,786 रुपये और भोजराज सोनी के खाते से संबंधित 5,50,000 रुपये के कथित अनधिकृत लेनदेन की शिकायतें शामिल हैं।
इसके अलावा रागिनी साहू के खाते से 1,55,371 रुपये निकाले जाने और विवेक सोनी के खाते से कथित फर्जी हस्तांतरण की शिकायत पर भी प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस इन सभी मामलों में लेनदेन की कड़ियां जोड़कर जांच कर रही है।
सहायक प्रबंधक समेत तीन पर कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे और एसडीओपी मुलताई शिवकुमार सिंह के मार्गदर्शन में बोरदेही पुलिस ने कार्रवाई की। थाना प्रभारी निरीक्षक भैयालाल उईके के नेतृत्व में गठित टीम ने विवेचना के दौरान साक्ष्य जुटाकर 24 अक्टूबर को सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे और गौरव सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया। एक विधि विरुद्ध बालक के मामले में किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने आरोपियों से संबंधित स्थानों और विधि विरुद्ध बालक के मेमोरेंडम के आधार पर छह मोबाइल फोन, सोना, चांदी और कार जब्त की है। जब्त संपत्ति में मोबाइल फोन की कीमत करीब 65 हजार रुपये, सोने की कीमत 8.28 लाख रुपये, चांदी की कीमत 1.40 लाख रुपये और कार की कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है।
अब जांच के घेरे में लेनदेन की पूरी कड़ी
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि खाताधारकों के मोबाइल नंबर बदलने, एफडी तुड़वाने और रकम दूसरे खातों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया किस स्तर पर पूरी हुई। पुलिस छह प्रकरणों के बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और संदिग्ध लेनदेन की जांच कर रही है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित वित्तीय अनियमितता में किन-किन लोगों की क्या भूमिका रही और पूरी राशि का इस्तेमाल कहां किया गया।
पुलिस अधीक्षक की अपील: बैतूल पुलिस ने खाताधारकों से बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल पर आने वाले संदेशों की नियमित जांच करने तथा किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तत्काल बैंक और पुलिस को देने की अपील की है। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह भी दी गई है।

