मध्यप्रदेश पुलिस का प्रदेशव्यापी साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान, स्कूलों से गांवों तक पहुंचाया सुरक्षा का संदेश

राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के तहत अक्टूबर में आयोजित हुए विभिन्न कार्यक्रम, 1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in के प्रति नागरिकों को किया जागरूक

भोपाल, 30 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के अवसर पर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अक्टूबर महीने में प्रदेशभर में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम करना और आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना रहा। इसके तहत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मध्यप्रदेश पुलिस ने इस अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए संभाग, जोन, जिला, तहसील, अनुभाग, थाना एवं ग्राम स्तर तक पहुंचाया। नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, डिजिटल लेन-देन में सावधानी तथा साइबर अपराध होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई गई।

1930 हेल्पलाइन और साइबर क्राइम पोर्टल का किया व्यापक प्रचार

अभियान के दौरान नागरिकों को साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने तथा आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। राज्य साइबर पुलिस द्वारा तैयार जागरूकता स्टैंडियों को प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर लगाया गया। इसके अलावा CyberDost के माध्यम से भी साइबर सुरक्षा संबंधी संदेशों का प्रचार किया गया।

स्कूल-कॉलेजों में कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं का आयोजन

विद्यार्थियों और युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, तकनीकी संस्थानों एवं पुस्तकालयों में व्याख्यान, कार्यशालाएं, सेमिनार, क्विज, शपथ, पेंटिंग और रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। युवाओं को ऑनलाइन ठगी के तरीकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सावधानीपूर्वक उपयोग करने के बारे में जानकारी दी गई।

सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से जागरूकता

साइबर सुरक्षा संबंधी फोटो, वीडियो, ऑडियो, बैनर, पंपलेट, एडवाइजरी, पॉडकास्ट और इंटरव्यू के माध्यम से सोशल मीडिया पर व्यापक प्रचार किया गया। आकाशवाणी, एफएम चैनल, दूरदर्शन और स्थानीय टीवी चैनलों के जरिए भी जागरूकता संदेश प्रसारित किए गए। इसमें सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और प्रसिद्ध व्यक्तियों की सहभागिता भी सुनिश्चित की गई।

रैलियों, नुक्कड़ नाटकों और नवरात्रि आयोजनों में भी दिया संदेश

अभियान के तहत साइबर जागरूकता रन, मैराथन और रैलियों का आयोजन किया गया। नवरात्रि उत्सव एवं पूजा पंडालों में लाउडस्पीकर से जागरूकता संदेश प्रसारित किए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नुक्कड़ नाटकों और जनसंवाद के माध्यम से साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए गए।

साइबर चौपाल के माध्यम से गांवों तक पहुंची पुलिस

ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, राशन वितरण केंद्रों और कृषि मंडियों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्राम सभाओं और साइबर चौपाल के माध्यम से पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद किया। कोटवारों द्वारा मुनादी कर हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं साइबर क्राइम पोर्टल की जानकारी भी दी गई।

सुरक्षित डिजिटल समाज बनाने पर जोर

मध्यप्रदेश पुलिस की इस प्रदेशव्यापी पहल का उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल सुविधाओं का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के लिए प्रेरित करना रहा। पुलिस ने साइबर अपराधों के प्रति सतर्कता, जागरूकता और समय पर शिकायत दर्ज कराने को सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।

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