डीआईजी बीरेन्द्र कुमार सिंह ने की बैतूल पुलिस की वार्षिक समीक्षा, वैज्ञानिक विवेचना और दोषियों को सजा दिलाने पर जोर
देवीनाथ लोखंडे सह संपादक दक्षिण मध्यप्रदेश बैतूल
बैतूल। जिले में लंबित आपराधिक मामलों के निराकरण, विवेचना की गुणवत्ता और पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) नर्मदापुरम रेंज बीरेन्द्र कुमार सिंह ने बुधवार को बैतूल पुलिस की वार्षिक अपराध समीक्षा की। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित बैठक में उन्होंने लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने, वैज्ञानिक एवं साक्ष्य आधारित विवेचना सुनिश्चित करने और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
लंबित मामलों पर अधिकारियों की जवाबदेही तय
वार्षिक समीक्षा के दौरान डीआईजी ने अनुभागवार अपराधों की स्थिति, लंबित मामलों की विवेचना और उनके निराकरण की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने थाना प्रभारियों और अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित अपराधों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और विवेचना में अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक को लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के लिए कहा। साथ ही लंबित चालानों को शीघ्र न्यायालय में प्रस्तुत करने और शिकायतों की जांच निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए।
वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने पर जोर
डीआईजी ने कहा कि आपराधिक मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए विवेचना की गुणवत्ता और साक्ष्यों का संकलन महत्वपूर्ण है। उन्होंने जब्त सामग्री का विधि विज्ञान प्रयोगशाला से समय पर परीक्षण कराने तथा रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मजबूत विवेचना करने और न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि अधिकाधिक मामलों में दोषसिद्धि हो सके।
थानों की सुरक्षा और रिकॉर्ड दुरुस्त रखने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान थानों की व्यवस्थाओं और शासकीय संपत्ति की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया। डीआईजी ने जब्त वाहनों और अन्य जब्त संपत्ति से जुड़े लंबित मामलों का नियमानुसार निराकरण करने, थाना परिसरों की बाउंड्रीवॉल का सीमांकन कराने और अतिक्रमण मुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा हथियारों, एम्युनिशन और दंगा नियंत्रण अभ्यास में उपयोग होने वाली सामग्री को सुरक्षित रखने, हवालात की नियमित जांच करने तथा गिरफ्तार आरोपियों के पास प्रतिबंधित सामग्री नहीं रहने देने के निर्देश दिए गए। थानों के रजिस्टरों और फाइलों का व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
अच्छे काम पर पुरस्कार, लापरवाही पर कार्रवाई
डीआईजी बीरेन्द्र कुमार सिंह ने पुलिस अधिकारियों को अधीनस्थ कर्मचारियों में अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और कार्य के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत करने के लिए प्रस्ताव भेजने तथा कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
डीआईजी के बैतूल आगमन पर पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस जवानों ने सलामी दी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। समीक्षा बैठक में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, सभी अनुभागों के एसडीओपी और थाना प्रभारियों ने भाग लिया।
वार्षिक अपराध समीक्षा का मुख्य उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत करना, अपराधों की रोकथाम, लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण और पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाना रहा।

