मुंबई की घटना के बाद खाद्य सुरक्षा पर देशभर में अलर्ट, फूड-ग्रेड पैकेजिंग अपनाने के निर्देश।
नई दिल्ली / पुलिस दर्पण
अगर आप सड़क किनारे ठेले, होटल, रेस्टोरेंट या नाश्ते की दुकानों पर अखबार में समोसा, कचौरी, वड़ा पाव, पकौड़े या अन्य खाद्य पदार्थ परोसते या पैक करते हैं, तो अब सावधान हो जाइए। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अखबार या किसी भी प्रिंटेड कागज में भोजन परोसना या पैक करना न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि कानून का उल्लंघन भी है।
यह चेतावनी हाल ही में मुंबई में एक वड़ा पाव विक्रेता द्वारा अखबार में खाद्य पदार्थ परोसने का मामला सामने आने के बाद दोबारा प्रमुखता से जारी की गई है। FSSAI ने सभी विक्रेताओं से तत्काल ऐसी प्रथा बंद करने और केवल फूड-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।
स्याही में छिपा है खतरा
FSSAI के अनुसार, अखबार की छपाई में उपयोग होने वाली स्याही (इंक) में लेड (Lead), भारी धातुएं, रंग, पिगमेंट और अन्य हानिकारक रसायन मौजूद हो सकते हैं। जब गर्म या तैलीय भोजन सीधे अखबार के संपर्क में आता है, तो ये जहरीले तत्व भोजन में मिल सकते हैं, जिससे लंबे समय में स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं।
इसके अलावा अखबारों का वितरण कई अस्वच्छ स्थानों से होकर होता है, जिससे उनमें बैक्टीरिया और अन्य रोगजनक मौजूद होने की आशंका रहती है।
2018 से लागू है प्रतिबंध
FSSAI ने स्पष्ट किया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (पैकेजिंग) रेगुलेशंस, 2018 के तहत भोजन को अखबार, प्रिंटेड पेपर या रिसाइकल्ड पेपर में लपेटना, पैक करना या सीधे परोसना प्रतिबंधित है। यह कोई नया कानून नहीं है, बल्कि पहले से लागू नियमों के पालन को लेकर दोबारा सख्ती बरती जा रही है।
क्या कहते हैं नियम?
केवल फूड-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री का उपयोग किया जाए।
पैकेजिंग से भोजन में कोई हानिकारक रसायन न मिले।
अखबार, प्रिंटेड या रिसाइकल्ड पेपर का सीधे भोजन के संपर्क में उपयोग न हो।
पैकेजिंग स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण हो।
भोजन को धूल, नमी, कीटाणुओं और बाहरी प्रदूषण से सुरक्षित रखा जाए।
पैक्ड खाद्य पदार्थों पर आवश्यक जानकारी अंकित हो।
सभी खाद्य कारोबारियों के लिए इन नियमों का पालन अनिवार्य है।
उल्लंघन पर हो सकती है कार्रवाई।
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

