अवैध करंट बना मौत का जाल, 27 वर्षीय युवक की जान गई

मक्के के खेत में मिली चार दिन पुरानी सड़ी लाश का सारणी पुलिस ने किया खुलासा, शिकार के लिए बिछाए तार की चपेट में आया था युवक

देवीनाथ लोखंडे सह संपादक पुलिस दर्पण दक्षिण मध्य प्रदेश

बैतूल। सारणी थाना क्षेत्र के ग्राम बाकुड़ में मक्के के खेत से मिली 27 वर्षीय युवक की चार दिन पुरानी सड़ी हुई लाश के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि जंगली सूअर आदि के शिकार के लिए खेत के चारों ओर अवैध रूप से विद्युत करंट प्रवाहित किया गया था। इसी करंट की चपेट में आने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना को छिपाने के लिए आरोपियों ने शव को दूसरे खेत में फेंक दिया और करंट फैलाने में इस्तेमाल तार को जमीन में दबा दिया। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार ग्राम बाकुड़ निवासी मनोज पिता ओझा मर्सकोले (27) 7 अगस्त की शाम करीब 6 बजे घर से बिना बताए चला गया था। उसकी मां श्यामवती मर्सकोले ने 11 अगस्त को थाना सारणी में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में अपराध क्रमांक 251/26, धारा 140(3) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर युवक की तलाश शुरू की गई।

मक्के के खेत में मिली सड़ी लाश से खुला राज

तलाश के दौरान पुलिस को ग्राम बाकुड़ में अभिराम यादव के मक्के के खेत में पुरानी सड़ी हुई लाश पड़े होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर मर्ग क्रमांक 51/26, धारा 194 बीएनएसएस के तहत जांच शुरू की। मृतक की पहचान लापता चल रहे मनोज मर्सकोले के रूप में हुई।

घटनास्थल के निरीक्षण और तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने ग्राम बाकुड़ निवासी परेश पिता किशन मर्सकोले, महेन्द्र कुमरे पिता जुगरा कुमरे और सुनील पिता दीमू कुमरे से पूछताछ की। पूछताछ में घटना की कड़ियां सामने आईं।

शिकार के लिए खेत में फैलाया था करंट

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने जंगली सूअर आदि के शिकार के लिए खेत के चारों ओर तार बिछाकर उसमें अवैध विद्युत करंट प्रवाहित किया था। 7 अगस्त की रात मनोज खेत में पहुंचा और इसी जानलेवा करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

आरोपियों को घटना का पता चलने के बाद उन्होंने 8 अगस्त की सुबह कथित तौर पर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से मनोज का शव उठाकर अभिराम यादव के मक्के के खेत में फेंक दिया। इसके बाद करंट फैलाने में इस्तेमाल वायर और जीआई तार को गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया गया।

आरोपियों से वायर और अन्य सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो बंडल केबल, सेंट्रिंग वाली तार, मृतक के दाहिने पैर की चप्पल और एयरफोन बरामद किए हैं। मामले में धारा 105, 238(ख) एवं 3(5) बीएनएस का इजाफा कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस टीम की कार्रवाई

पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे एवं एसडीओपी सारणी प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में की गई।

कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल इनवाती, उप निरीक्षक मनोज उईके, सुनील गौर एवं प्रीति पालेवार, सहायक उप निरीक्षक अनिल मोर्य, प्रधान आरक्षक श्रीराम उईके एवं शैलेन्द्र सिंह, आरक्षक मोहित भाटी, सुभाष मंडलोई एवं जितेन्द्र जाट तथा साइबर सेल से निरीक्षक कविता नागवंशी और आरक्षक राजेन्द्र धाड़से की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस अधीक्षक की आमजन से अपील

पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने ग्रामीणों से अपील की है कि फसल अथवा जंगली जानवरों से बचाव के नाम पर खेतों के आसपास किसी भी स्थिति में नंगे तारों में विद्युत करंट प्रवाहित न करें। ऐसा करना जानलेवा होने के साथ-साथ कानूनन अपराध भी है। इससे किसान, मजदूर, राहगीर, पशु अथवा कोई भी निर्दोष व्यक्ति हादसे का शिकार हो सकता है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी खेत में इस प्रकार अवैध रूप से करंट फैलाए जाने की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। खेत की सुरक्षा के लिए अवैध करंट नहीं, बल्कि सुरक्षित और वैधानिक उपाय अपनाएं।

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