टीकमगढ़ / पुलिस दर्पण
आगामी 5 दिनों के दौरान जिले में हल्की से मध्यम वर्षा तथा कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई प्रारंभ करने की सलाह दी है। किसानों से कहा गया है कि वे कम अवधि वाली उन्नत एवं कम पानी में तैयार होने वाली सोयाबीन, उड़द, मूंग, मूंगफली तथा तिल जैसी फसलों के गुणवत्तायुक्त बीजों की व्यवस्था कर कूड़-नाली विधि से बुवाई करें।
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी दिनों में आसमान में 75 से 85 प्रतिशत तक बादल छाए रहने, बिजली चमकने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
किसानों को सलाह दी गई है कि बुवाई से पूर्व बीजोपचार अवश्य करें। इसके लिए प्रति किलोग्राम बीज पर 2 ग्राम थायरम एवं एक ग्राम कार्बेंडाजिम का उपयोग करें, जिससे बीज एवं मृदा जनित रोगों से फसल की सुरक्षा हो सके।
मौसम पूर्वानुमान को देखते हुए किसानों से फिलहाल फसलों एवं सब्जियों में दवाओं के छिड़काव तथा सिंचाई कार्य से बचने की अपील की गई है। वहीं जिन किसानों के पास पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध है, वे भिंडी, लौकी, कद्दू, गिलकी, करेला, सेम जैसी खरीफ सब्जियों की बुवाई प्रारंभ कर सकते हैं। साथ ही अदरक की बुवाई उन्नत किस्मों के बीजों से बीजोपचार के बाद करने की सलाह दी गई है।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को यह भी सलाह दी है कि पौधों पर तैयार एवं पके हुए फल एवं सब्जियों की समय पर तुड़ाई कर बाजार में विक्रय करें तथा खेतों में वर्षा जल की उचित निकासी के लिए नालियों की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
पशुपालकों एवं किसानों को बरसात के मौसम में हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता के लिए ज्वार, मक्का एवं लोबिया की मिश्रित बुवाई करने की भी सलाह दी गई है। जनसंपर्क विभाग अनुसार किसानों से मौसम आधारित कृषि सलाह का पालन कर फसलों की बेहतर उत्पादकता एवं नुकसान से बचाव सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

